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Rewari News: शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया टीईटी और एनपीएस का विरोध
Sat, 05 Sep 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:40 PM IST
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टीईटी की अनिवार्यता और नई पेंशन योजना के विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते शिक्षक।स
रेवाड़ी। एआईपीटीएफ और राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शनिवार को जिलेभर के शिक्षकों ने सेवा के दौरान शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता और नई पेंशन योजना के विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों ने दोनों नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए सरकार से मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य कोषाध्यक्ष सुनील कुमार और जिला प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षकों की ओर से देशभर में इन दोनों मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 6 से 9 अक्तूबर तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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इसके बाद भी सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सेवा के दौरान शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। साथ ही नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य कोषाध्यक्ष सुनील कुमार और जिला प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षकों की ओर से देशभर में इन दोनों मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जब तक सरकार शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 6 से 9 अक्तूबर तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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इसके बाद भी सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सेवा के दौरान शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। साथ ही नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।