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बिना उपयोग तिथि लिखे बिक रहीं मिठाइयां
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बाजार में बिना एक्सपायरी डेट लिखी बिक रहीं मिठाइयां। संवाद
- फोटो : Rewari
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फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसआई) की ओर एक वर्ष पहले उपयोग तिथि लिखने के जारी किए गए आदेश के बावजूद स्थानीय मिठाई विक्रेता लापरवाही बरत रहे हैं। मिठाइयों की प्रतिष्ठित दुकानों से लेकर साधारण विक्रेता तक मानक को दरकिनार कर धड़ल्ले से मिठाइयां बेच रहे हैं। वहीं विभाग अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इसके चलते मिठाई विक्रेता इन आदेशों को महज कागजी आदेश ही मान रहे हैं। स्थानीय मिठाई की दुकानों का दौरा किया तो पता चला कि कोई भी दुकानदार इन आदेशों का पालन नहीं कर रहा। वहीं कुछ दुकानों पर तो कंटेनर में रखी मिठाइयों के रेट तक नहीं लिखे मिले। वहीं ग्राहकों से पता चला कि मिठाई की खरीद करने वाले ग्राहकों को दुकानदार डिब्बा भी मिठाई के साथ तोल रहे हैं जिसके कारण ग्राहकों को चूना लग रहा है।
यह जारी किए गए थे निर्देश
वर्ष 2020 में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मिठाई की उपयोग तिथि लिखना अनिवार्य किया था। विभाग के आदेशों के अनुसार मिठाई विक्रेताओं को अब प्रत्येक मिठाई के सामने उपयोग तिथि लिखना अनिवार्य किया था। साथ ही मिठाई विक्रेता को भी लिखना होता है कि यह मिठाई कितने दिन में एक्सपायर हो जाएगी या वह ज्यादा दिन तक चलेगी। विभाग द्वारा ऐसे आदेश लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर दिए गए हैं ताकि त्योहारों के सीजन में नकली मावे से बनने वाली मिठाइयों से बच सकें। लोगों को शुद्ध मिठाइयां मिले और लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि सरकार किसानों के साथ छोटे कारोबारियों को भी खत्म करने पर तुली है। मिठाई विक्रेताओं ने कहा कि पैकिंग बंद मिठाइयों का कारोबार पांच प्रतिशत भी नहीं है जबकि 95 प्रतिशत मिठाइयां खुले में बिकती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी और मल्टीनेशनल कंपनियां अपने उत्पादों की बिक्री के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है ताकि सरकार के साथ मिलकर छोटे कारोबारियों को खत्म किया जाए।
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इसके चलते मिठाई विक्रेता इन आदेशों को महज कागजी आदेश ही मान रहे हैं। स्थानीय मिठाई की दुकानों का दौरा किया तो पता चला कि कोई भी दुकानदार इन आदेशों का पालन नहीं कर रहा। वहीं कुछ दुकानों पर तो कंटेनर में रखी मिठाइयों के रेट तक नहीं लिखे मिले। वहीं ग्राहकों से पता चला कि मिठाई की खरीद करने वाले ग्राहकों को दुकानदार डिब्बा भी मिठाई के साथ तोल रहे हैं जिसके कारण ग्राहकों को चूना लग रहा है।
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यह जारी किए गए थे निर्देश
वर्ष 2020 में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मिठाई की उपयोग तिथि लिखना अनिवार्य किया था। विभाग के आदेशों के अनुसार मिठाई विक्रेताओं को अब प्रत्येक मिठाई के सामने उपयोग तिथि लिखना अनिवार्य किया था। साथ ही मिठाई विक्रेता को भी लिखना होता है कि यह मिठाई कितने दिन में एक्सपायर हो जाएगी या वह ज्यादा दिन तक चलेगी। विभाग द्वारा ऐसे आदेश लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर दिए गए हैं ताकि त्योहारों के सीजन में नकली मावे से बनने वाली मिठाइयों से बच सकें। लोगों को शुद्ध मिठाइयां मिले और लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि सरकार किसानों के साथ छोटे कारोबारियों को भी खत्म करने पर तुली है। मिठाई विक्रेताओं ने कहा कि पैकिंग बंद मिठाइयों का कारोबार पांच प्रतिशत भी नहीं है जबकि 95 प्रतिशत मिठाइयां खुले में बिकती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी और मल्टीनेशनल कंपनियां अपने उत्पादों की बिक्री के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है ताकि सरकार के साथ मिलकर छोटे कारोबारियों को खत्म किया जाए।
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