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Rewari News: कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को वापस करनी होंगी किताबें
Thu, 14 Mar 2024 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 14 Mar 2024 01:08 AM IST
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रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने नए सत्र में पठन-पाठन के लिए सभी स्कूलों में पुस्तकें अभी से भेजनी शुरू कर दी है। ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो सकें। वहीं शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ को निर्देश दिए हैं कि सरकारी स्कूलों के एक से आठवीं कक्षा पास हो रहे विद्यार्थियों को पुरानी किताबें वापस करानी होंगी।
शिक्षा विभाग का पुरानी पुस्तकों को वापस लेने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इन पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई समय से शुरू कराई जा सके। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर शिक्षकों की ओर से डोर-टू-डोर नामांकन अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों में किताबें वापस लेने को डीईओ ने भी सभी बीईओ को पत्र जारी किया है। पुस्तकें लेकर स्कूलों में जमा कराने की जिम्मेदारी विभाग ने शिक्षकों को दी है।
बताया जाता है कि नए सत्र में नए विद्यार्थियों के लिए हर वर्ष पुस्तकों की कमी पड़ती है। इसको दूर करने के लिए नए सत्र 2024-2025 में विभाग की ओर से नई पहल शुरू की जा रही है। ताकि पुस्तकों की कमी न रहे। बता दें कि हमेशा पुस्तकों के अभाव में नए सत्र शुरू होने पर समय से पढ़ाई शिक्षक नहीं करा पाते हैं। किताबों के इंतजार में ही काफी समय बीत जाता था। विभाग की योजना से विद्यार्थियों को किताबों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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वर्जन
निदेशालय की तरफ से जो निर्देश मिले हैं, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। सभी स्कूलों को पुस्तकें वापस लेनी होंगी।- कपिल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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शिक्षा विभाग का पुरानी पुस्तकों को वापस लेने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इन पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई समय से शुरू कराई जा सके। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर शिक्षकों की ओर से डोर-टू-डोर नामांकन अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों में किताबें वापस लेने को डीईओ ने भी सभी बीईओ को पत्र जारी किया है। पुस्तकें लेकर स्कूलों में जमा कराने की जिम्मेदारी विभाग ने शिक्षकों को दी है।
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बताया जाता है कि नए सत्र में नए विद्यार्थियों के लिए हर वर्ष पुस्तकों की कमी पड़ती है। इसको दूर करने के लिए नए सत्र 2024-2025 में विभाग की ओर से नई पहल शुरू की जा रही है। ताकि पुस्तकों की कमी न रहे। बता दें कि हमेशा पुस्तकों के अभाव में नए सत्र शुरू होने पर समय से पढ़ाई शिक्षक नहीं करा पाते हैं। किताबों के इंतजार में ही काफी समय बीत जाता था। विभाग की योजना से विद्यार्थियों को किताबों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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निदेशालय की तरफ से जो निर्देश मिले हैं, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। सभी स्कूलों को पुस्तकें वापस लेनी होंगी।- कपिल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।