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स्कूल में सुविधाओं का टोटा : पढ़ाई करने से पहले सफाई करते हैं शिक्षक-विद्यार्थी
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फोटो: 08 रेवाड़ी। शहर के कानोड़ गेट स्थित राजकीय कन्या विद्यालय। संवाद
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों में सुविधाओं को लेकर हमेशा बड़े दावे किए जाते हैं, इसके बावजूद कई स्कूलों में विद्यार्थी स्वच्छ पेयजल ना मिलने, खराब शौचालय, टूटे भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। कुछ स्कूलों की जब पड़ताल की गई तो यह तथ्य सामने आए हैं।
खास बात यह है कि इससे न केवल विद्यार्थी परेशान हैं, बल्कि शिक्षक भी परेशान हैं। क्योंकि बेहतर माहौल ना होने के कारण विद्यार्थी व शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गांव कान्हड़वास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का जर्जर व पुराना भवन शिक्षकों की कमी सहित सफाई कर्मी नहीं होने के कारण विद्यालय पहुंचते ही विद्यार्थियों को पढ़ाई से पहले सफाई करनी पड़ती है। विद्यालय खुलते ही बच्चे अपने शिक्षकों के साथ मिलकर कक्षाओं और परिसर में झाड़ू लगाते हैं। इसके बाद कक्षाएं शुरू होती हैं। साथ ही भवन पुराना होने के कारण बरसात के समय में काफी दिक्कत होती है।
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खास बात यह है कि इससे न केवल विद्यार्थी परेशान हैं, बल्कि शिक्षक भी परेशान हैं। क्योंकि बेहतर माहौल ना होने के कारण विद्यार्थी व शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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गांव कान्हड़वास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का जर्जर व पुराना भवन शिक्षकों की कमी सहित सफाई कर्मी नहीं होने के कारण विद्यालय पहुंचते ही विद्यार्थियों को पढ़ाई से पहले सफाई करनी पड़ती है। विद्यालय खुलते ही बच्चे अपने शिक्षकों के साथ मिलकर कक्षाओं और परिसर में झाड़ू लगाते हैं। इसके बाद कक्षाएं शुरू होती हैं। साथ ही भवन पुराना होने के कारण बरसात के समय में काफी दिक्कत होती है।
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