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Rewari News: बेसहारा गोवंश में लंपी जैसे लक्षण, पशुपालकों की बढ़ी चिंता

Mon, 07 Sep 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 07 Sep 2026 11:33 PM IST
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Stray cattle show symptoms resembling Lumpy Skin Disease; livestock owners' concerns mount.
शहर में पशु पर लंपी के लक्षण। संवाद
रेवाड़ी। जिले में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवशों में लंपी संक्रमण के लक्षण दिखाई देने से पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। शहर में जगह-जगह घूम रहे पशुओं के शरीर पर गांठ और त्वचा संबंधी लक्षण नजर आ रहे हैं। ऐसे में अन्य पशुओं में यह बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है।
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संवाद की टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर बेसहारा पशुओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई पशुओं में लंपी संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दिए। पशुओं के शरीर पर जगह-जगह उभरी हुई गांठें और त्वचा पर असामान्य निशान नजर आए। हालांकि, बीमारी की वास्तविक पुष्टि पशु चिकित्सकों की जांच के बाद ही हो सकती है। शहर में करीब 3500 पशु घूम रहे हैं।
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शहर की सड़कों और बाजारों में बड़ी संख्या में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। इनमें किसी पशु के संक्रमित होने की स्थिति में दूसरे पशुओं के संपर्क में आने से बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा पशुपालकों के पालतू पशु भी इन बेसहारा पशुओं के संपर्क में आते हैं। ऐसे में समय रहते संदिग्ध पशुओं की पहचान करना जरूरी है।
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बेसहारा पशुओं की समस्या पहले से ही गंभीर बनी हुई है। अब इनमें बीमारी के लक्षण दिखाई देने से परेशानी और बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं की स्वास्थ्य जांच कराने की मांग की है।

30 सैंपलों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई
जिले में गोवंशों में लंपी संक्रमण का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब तक 30 से अधिक गांवों तक संक्रमण पहुंच चुका है और 250 गोवंश इसकी चपेट में आ चुके हैं। राहत की बात यह है कि जिले में अब लंपी का कोई एक्टिव केस नहीं है। पिछले सप्ताह लुवास की टीम की ओर से लिए गए 30 सैंपलों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। पशुपालन विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए अपनी टीमों को अलर्ट किया है। विभाग के 51 पशु अस्पतालों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर संदिग्ध पशुओं की जांच कर रही हैं।

पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी
विभाग ने गोशाला संचालकों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी कर संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने, पशुशाला की साफ-सफाई करने और मक्खी-मच्छरों से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। जिले में 50 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण हो चुका है और 55 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य सोमवार तक पूरा होने की उम्मीद है।


वर्जन:
जिले के सभी 250 मामले रिकवर हो चुके हैं और 30 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 50 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। पशुओं की त्वचा पर गांठें, बुखार, आंख या नाक से पानी आने या कमजोरी जैसे लक्षण नजर आने पर पशुपालकों को पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। संदिग्ध पशु को अलग रखकर उसकी आवाजाही रोकें। बाहर से आने वाले पशुओं के झुंडों की निगरानी रखी जा रही है।-डॉ. विनोद कुमार यादव, उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, रेवाड़ी
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