फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Stray animals are a headache for farmers during the winter season, destroying crops.

Rewari News: सर्दी के मौसम में बेसहारा पशु किसानों के लिए बने सिरदर्द, फसलों को कर रहे तबाह

Thu, 04 Dec 2025 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Dec 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
Stray animals are a headache for farmers during the winter season, destroying crops.
किसान राजेंद्र
जगदीश यादव
विज्ञापन

कोसली। सर्दी के मौसम में पशु किसानों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। ये फसल का 10 से 20 फीसदी भाग नष्ट कर देते हैं। इसके चलते किसानों को कड़ाके की ठंड में रातभर जागकर फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। फसल बचाने के लिए रखवाले भी रखने पड़ रहे हैं।
कुछ किसान इनके बचाव के लिए तारबंदी करवा रहे हैं। किसान महावीर, रमेश, प्रभाती लाल ने बताया कि नील गाय और लावारिस पशु सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। नील गाय व पशु झुंड में चलते हैं और जिस किसी खेत में घुस जाते हैं उसे तबाह करके ही दम लेते हैं। किसान को सबसे अधिक रखवाली इन्हीं जीवों से करनी होती है। इन्हीं जीवों से फसल को बचाने के लिए रखवालों का प्रबंध भी करना पड़ता है।
विज्ञापन



दक्षिण हरियाणा में अधिक गंभीर रूप ले चुकी ये समस्या : विनोद

पार्षद विनोद कुमार का कहना है कि यह समस्या पूरे हरियाणा में है लेकिन दक्षिण हरियाणा में अधिक गंभीर रूप ले चुकी है। सर्दी में जब किसान थोड़ी देर घर चला जाता है, तभी नीलगाय, सांड और गाय मौके का फायदा उठाकर भारी नुकसान कर जाती हैं। उनका कहना है कि ये खाते कम हैं और खराब ज्यादा करते हैं। नीलगायों के पैरों से सरसों की खड़ी फसल टूट जाती है और पूरी मेहनत बेकार हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
खेतों में चौकसी के बावजूद भी आवारा गोवंश फसल को नुकसान पहुंचाए बिना नहीं रहते। नीलगाय और पशु खेत में खड़ी फसलों को चट कर जाते हैं। गेहूं और सरसों की फसलों की रखवाली करना सबसे मुश्किल हो गया है। -मंदीप, किसान
-------------
पशु न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि दुपहिया वाहनों की सड़क दुर्घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार हैं। चाहे हम जितनी भी रखवाली करें, फिर भी मौका मिलते ही ये पशु गेहूं की फसल को नष्ट कर जाते हैं। -सुरेंद्र, किसान
---------
नीलगाय और आवारा गाेवंश का नुकसान इतना ज्यादा है कि जितना अन्य सारे जानवर मिलकर नहीं करते। हम रात-रात भर खेतों में जागते हैं लेकिन फिर भी ये पशु अवसर पाते ही गेहूं, सरसों और सब्जियों को बर्बाद कर जाते हैं। राजेंद्र, किसान

--------
वर्जन
गोवंश को घर पर रखकर पालन करने वालों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। क्षेत्र में कई गोशालाएं संचालित हैं जहां किसान आवारा पशुओं को भेज सकते हैं। यदि सभी पशुपालक जिम्मेदारी दिखाएं और सरकार की योजनाओं का सही पालन हो तो पशुओं से फसल नुकसान की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है। -अनिल यादव, बीडीपीओ

किसान राजेंद्र

किसान राजेंद्र

किसान राजेंद्र

किसान राजेंद्र

किसान राजेंद्र

किसान राजेंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed