{"_id":"6a1edbd0a22967276308ca50","slug":"stop-children-from-playing-in-the-sun-dc-rewari-news-c-198-1-rew1001-239497-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को धूप में खेलने से रोकें : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को धूप में खेलने से रोकें : डीसी
Tue, 02 Jun 2026 07:04 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:04 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से आह्वान किया कि गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि होने के कारण जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रचंड गर्मी और लू के चलते लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, थकान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आमजन सावधानी बरतें और सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों की पालना करें।
डीसी ने बताया कि गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाते रहें। इसी प्रकार, बुजुर्गों को ठंडे और हवादार स्थान पर रखें तथा समय-समय पर उनकी सेहत की निगरानी करें।
उन्होंने कहा कि नागरिक दोपहर के समय, विशेषकर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को ढक कर अवश्य रखें। इसके लिए टोपी, गमछा या छाते का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से आह्वान किया कि गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि होने के कारण जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रचंड गर्मी और लू के चलते लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, थकान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आमजन सावधानी बरतें और सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों की पालना करें।
डीसी ने बताया कि गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाते रहें। इसी प्रकार, बुजुर्गों को ठंडे और हवादार स्थान पर रखें तथा समय-समय पर उनकी सेहत की निगरानी करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नागरिक दोपहर के समय, विशेषकर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को ढक कर अवश्य रखें। इसके लिए टोपी, गमछा या छाते का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके।
विज्ञापन