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प्रदेश सरकार ने 10 गुना बढ़ाया विकास शुल्क : चिरंजीव राव
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रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले ही सरकार की बेकार नीतियों के कारण महंगाई की मार से त्रस्त है। अब भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने शहरों में एकीकृत रेट करने के नाम पर नगर परिषद, नगर पालिका व नगर निगमों में विकास शुल्क 10 गुना बढ़ाकर परेशानी खड़ी कर दी है। शहरी क्षेत्रों में विकास शुल्क की मार से गरीबों का आशियाना बनाना महंगा हो गया है।
उन्होंने बताया कि अब 100 वर्ग गज के मकान का नक्शा पास करवाने के लिए 1 लाख पचार हजार से 2 लाख रुपये तक फीस देनी पडे़गी, जिससे गरीबों का घर बनाने का सपना अब सपना बन कर रह जाएगा। इसके अलावा कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत विकास शुल्क तीन साल पहले वैध की गई कॉलोनियों पर ही लागू था, मगर अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 18 फरवरी 2022 से इसे शहर की सभी वैध कॉलोनियों, लाल डोरा क्षेत्र व कच्ची कॉलोनियों में भी लागू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इतना ही नही यदि किसी ने पहले से ही मकान बना और नक्शा पास करवा कर विकास शुल्क दे रखा है और नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं में भवन प्लान, रिवीजन प्लान, एनओसी व नो-ड्यूज सर्टिफिकेट लेते समय अब उसे भी पहले से जमा किया गया विकास शुल्क काट कर नए रेट के हिसाब से ही विकास शुल्क देना होगा।
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उन्होंने बताया कि अब 100 वर्ग गज के मकान का नक्शा पास करवाने के लिए 1 लाख पचार हजार से 2 लाख रुपये तक फीस देनी पडे़गी, जिससे गरीबों का घर बनाने का सपना अब सपना बन कर रह जाएगा। इसके अलावा कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत विकास शुल्क तीन साल पहले वैध की गई कॉलोनियों पर ही लागू था, मगर अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 18 फरवरी 2022 से इसे शहर की सभी वैध कॉलोनियों, लाल डोरा क्षेत्र व कच्ची कॉलोनियों में भी लागू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इतना ही नही यदि किसी ने पहले से ही मकान बना और नक्शा पास करवा कर विकास शुल्क दे रखा है और नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं में भवन प्लान, रिवीजन प्लान, एनओसी व नो-ड्यूज सर्टिफिकेट लेते समय अब उसे भी पहले से जमा किया गया विकास शुल्क काट कर नए रेट के हिसाब से ही विकास शुल्क देना होगा।
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