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Rewari News: मांगों को लेकर आईजीयू में धरना, सरकार से लंबित मांगें पूरी करने की मांग

Fri, 25 Sep 2026 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 12:25 AM IST
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Sit-in protest at IGU over demands; call for the government to
मांगों को लेकर धरने पर बैठे शिक्षक। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन्स के आह्वान पर वीरवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया। इसमें विश्वविद्यालयों, सरकारी और अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़ी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
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फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र खटकड़ ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को उचित सेवा शर्तें, पर्याप्त मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मिलना जरूरी है। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की सेवा शर्तों में समानता, विश्वविद्यालय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए 100 प्रतिशत सरकारी बजटीय प्रावधान तथा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग रखी।
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उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सभी स्वीकृत रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने तथा चार वर्ष से अधिक समय तक रिक्त रहने वाले पदों को समाप्त मानने का प्रावधान वापस लेने की मांग की। साथ ही एसएफएस कर्मचारियों को बजटीय कर्मचारियों में शामिल करने की मांग भी उठाई।
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शिक्षकों को शोध एवं अकादमिक विकास के अवसर देने की मांग:

एआईएफयूसीटीओ के उपाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र चाहर ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समान सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा उच्च शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने पर्याप्त शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय स्टाफ उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों को शोध एवं अकादमिक विकास के अवसर देने की मांग की।

फेडरेशन के सचिव प्रो. दयानंद मलिक ने नवसृजित महाविद्यालयों में सातवें वेतनमान के अनुसार एचआरए, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधाएं और महिला कर्मचारियों के लिए अधिक आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाएं देने की मांग की। उन्होंने यूजीसी के प्रावधानों के अनुरूप कार्यभार में समानता और महाविद्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की बात कही।

20 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग रखी:

ऑल हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. राजेश रांझा ने महाविद्यालय शिक्षकों को पीएचडी शोध मार्गदर्शक के रूप में कार्य करने का अवसर देने और पीएचडी पाठ्यक्रमों में कार्यरत शिक्षकों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग रखी। एचसीटीए अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र परमार ने अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए बजट संबंधी कैपिंग समाप्त करने की मांग की।

धरने में विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। छात्र नेता रवि मसीत ने विश्वविद्यालय में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की।

मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत:

आईजीयूटीए अध्यक्ष प्रो. सविता श्योराण ने कहा कि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित नया विश्वविद्यालय है, जहां भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय के लिए विशेष बजट पैकेज देने की मांग की। साथ ही नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने से पहले मांग और आपूर्ति का विश्लेषण करने की बात कही।


धरने में पुरानी पेंशन योजना की बहाली और पात्र कर्मचारियों को इसके दायरे में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

मांगों को लेकर धरने पर बैठे शिक्षक। स्रोत : संगठन

मांगों को लेकर धरने पर बैठे शिक्षक। स्रोत : संगठन

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