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Rewari News: लाल मनीराम बाग में श्री रामलीला का मंचन शुरू
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फोटो : 25लाल मनीराम बाग में आयोजित रामलीला का दृश्य। स्रोत : क्लब
फोटो : 25
संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। शहर के लाल मनीराम बाग परिसर में आयोजित की जा रही 73वीं श्री रामलीला का मंचन आरंभ हो गया है। श्री राम रामलीला क्लब की ओर से आयोजित इस रामलीला का शुभारंभ धारूहेड़ा नगर पालिका के उप प्रधान अजय जांगड़ा ने रिबन काटकर किया।
उन्होंने सभी नगरवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान श्री राम के आदर्श और चरित्र से प्रेरणा लेकर उनके गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। इस अवसर पर श्री राम रामलीला क्लब के प्रधान दीलिप सिकरवाल, उप प्रधान मुकेश चांगा, सचिव रमेश सिकरवाल और कोषाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि अजय जांगड़ा का गदा भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया।
प्रथम दिवस पर नारद मोह का मंचन किया गया। इस कथा में देवर्षि नारद के मन में मोह उत्पन्न हो जाता है, जिसके कारण भगवान विष्णु एक नया नगर बसाते हैं और राजा शील निधि को उसका शासक बनाते हैं। उनकी पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाया जाता है।
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विश्व मोहिनी को देखकर नारदजी विवाह के लिए उत्सुक हो जाते हैं और भगवान विष्णु से स्वयंवर में भाग लेने के लिए हरि रूप की कृपा चाहते हैं। भगवान विष्णु नारद के मोह को दूर करने के लिए उन्हें हरि रूप के वानर का स्वरूप प्रदान करते हैं। स्वयंवर में अपमानित होने पर नारद क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि उन्हें मृत्यु लोक में आवश्यकता पड़ने पर वानरों की सहायता लेनी पड़ेगी और पत्नी वियोग में तड़पना पड़ेगा।
इस कथा में नारद की भूमिका डॉ. अश्विनी जोशी, राजा इंद्र की भूमिका रणवीर प्रजापत, परियों की भूमिका प्रकाश प्रजापत, लीलाधर सेन और अरुण सेन, तथा शंकर की भूमिका लीलाधर सेन ने निभाई।
रामलीला के शुभारंभ अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनिवास सुखरालिया, समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल, कृष्ण स्वामी, मोदी प्रधान और धर्मपाल श्योरान उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। शहर के लाल मनीराम बाग परिसर में आयोजित की जा रही 73वीं श्री रामलीला का मंचन आरंभ हो गया है। श्री राम रामलीला क्लब की ओर से आयोजित इस रामलीला का शुभारंभ धारूहेड़ा नगर पालिका के उप प्रधान अजय जांगड़ा ने रिबन काटकर किया।
उन्होंने सभी नगरवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान श्री राम के आदर्श और चरित्र से प्रेरणा लेकर उनके गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। इस अवसर पर श्री राम रामलीला क्लब के प्रधान दीलिप सिकरवाल, उप प्रधान मुकेश चांगा, सचिव रमेश सिकरवाल और कोषाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि अजय जांगड़ा का गदा भेंट कर स्वागत और अभिनंदन किया।
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प्रथम दिवस पर नारद मोह का मंचन किया गया। इस कथा में देवर्षि नारद के मन में मोह उत्पन्न हो जाता है, जिसके कारण भगवान विष्णु एक नया नगर बसाते हैं और राजा शील निधि को उसका शासक बनाते हैं। उनकी पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाया जाता है।
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विश्व मोहिनी को देखकर नारदजी विवाह के लिए उत्सुक हो जाते हैं और भगवान विष्णु से स्वयंवर में भाग लेने के लिए हरि रूप की कृपा चाहते हैं। भगवान विष्णु नारद के मोह को दूर करने के लिए उन्हें हरि रूप के वानर का स्वरूप प्रदान करते हैं। स्वयंवर में अपमानित होने पर नारद क्रोधित होकर भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि उन्हें मृत्यु लोक में आवश्यकता पड़ने पर वानरों की सहायता लेनी पड़ेगी और पत्नी वियोग में तड़पना पड़ेगा।
इस कथा में नारद की भूमिका डॉ. अश्विनी जोशी, राजा इंद्र की भूमिका रणवीर प्रजापत, परियों की भूमिका प्रकाश प्रजापत, लीलाधर सेन और अरुण सेन, तथा शंकर की भूमिका लीलाधर सेन ने निभाई।
रामलीला के शुभारंभ अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनिवास सुखरालिया, समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल, कृष्ण स्वामी, मोदी प्रधान और धर्मपाल श्योरान उपस्थित रहे।