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Rewari News: श्रवण कुमार के माता-पिता ने राजा दशरथ को दिया शाप
Sat, 05 Oct 2024 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 05 Oct 2024 01:58 AM IST
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रेवाड़ी। रेलवे काॅलोनी में श्रीराम मंदिर रेलवे ड्रामेटिक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार और श्रीराम जन्म का मंचन किया गया। सेवानिवृत मुख्य टिकट निरीक्षक आरपी यादव ने रामलीला का शुभारंभ किया।
श्रवण कुमार प्रसंग के मंचन में श्रवण कुमार माता-पिता को तीर्थ ले जाते हैं। रास्ते में मां को प्यास लगने पर श्रवण कुमार पानी की तलाश में सरयू नदी के तट पर जाते हैं। राजा दशरथ जानवर समझ कर बाण चला देते हैं जिससे श्रवण कुमार की मौत हो जाती है। श्रवण कुमार के माता-पिता दशरथ को शाप देते हैं कि जिस तरह हम बेटे के वियोग में प्राण त्याग रहे हैं उसी तरह तू भी अपने बेटे के वियोग में प्राण देगा। इसके बाद राजा दशरथ के संतान न होने पर यज्ञ करवाते हैं। बाद में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न का जन्म होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना पर दशरथ पुलकित हो उठते हैं। चारों भाइयों का नामकरण होता है। गुरु विश्वामित्र दशरथ राम व लक्ष्मण साथ ले जाते हैं और युद्ध विद्या सिखाते हैं।
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श्रवण कुमार प्रसंग के मंचन में श्रवण कुमार माता-पिता को तीर्थ ले जाते हैं। रास्ते में मां को प्यास लगने पर श्रवण कुमार पानी की तलाश में सरयू नदी के तट पर जाते हैं। राजा दशरथ जानवर समझ कर बाण चला देते हैं जिससे श्रवण कुमार की मौत हो जाती है। श्रवण कुमार के माता-पिता दशरथ को शाप देते हैं कि जिस तरह हम बेटे के वियोग में प्राण त्याग रहे हैं उसी तरह तू भी अपने बेटे के वियोग में प्राण देगा। इसके बाद राजा दशरथ के संतान न होने पर यज्ञ करवाते हैं। बाद में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न का जन्म होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना पर दशरथ पुलकित हो उठते हैं। चारों भाइयों का नामकरण होता है। गुरु विश्वामित्र दशरथ राम व लक्ष्मण साथ ले जाते हैं और युद्ध विद्या सिखाते हैं।
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