{"_id":"66fdaf598092e2f54c047f14","slug":"shardiya-navratri-from-today-maa-shailputri-will-be-worshiped-rewari-news-c-198-1-rew1001-210096-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: शारदीय नवरात्र आज से, मां शैलपुत्री की होगी पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: शारदीय नवरात्र आज से, मां शैलपुत्री की होगी पूजा
Thu, 03 Oct 2024 02:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 03 Oct 2024 02:08 AM IST
विज्ञापन
फोटो: 04 रेवाड़ी। शहर के मोहल्ला बारा हजारी स्थित रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया मां दुर्गा
वाड़ी। शारदीय नवरात्र का वीरवार से शुभारंभ होगा। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालु घरों में घट स्थापना करेंगे। साथ ही व्रत भी रखेंगे।
नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को मंदिरों की साफ-सफाई की गई। मंदिरों को बिजली के रंगीन झालरों से सजाया गया है। उधर शहर के कई जगहों पर पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। शहर के भाड़ावास गेट बाजार, दुर्गा माता मंदिर, गुड़ बाजार, भूरा बाजार में बुधवार को पूजा सामग्री के लिए लोगों ने खरीदारी की। लोगों ने चुनरी, पानी वाला नारियल, सूखा नारियल, कलश, थाली, धूप, कपूर, रोली, चंदन आदि की खरीदारी की। इस बार नवरात्र पर विशेष पूजा की थाली और पूजा पैकेट ग्राहकों की काफी पसंद आ रहे हैं।
आज मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। शैल का मतलब पर्वत है। पर्वत की पुत्री पार्वती है। ये ही जगदंबा हैं। इसीलिए पहले दिन इनकी पूजा होती है। कम से कम एक या दो व्रत जरूर रखें। इससे मां प्रसन्न होती हैं। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। चौकी को गंगाजल से साफ करके मां दुर्गा की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। पूरे परिवार के साथ कलश स्थापना की जाती है। घट स्थापना के बाद मां शैलपुत्री का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। माता को कुमकुम और अक्षत लगाएं। इसके बाद सफेद, पीले या लाल फूल माता को अर्पित करें। माता के सामने धूप, दीप जलाएं और पांच देसी घी के दीपक जलाएं। इसके बाद माता की आरती उतारें और फिर शैलपुत्री माता की कथा, दुर्गा चालिसा, दुर्गा स्तुति या दुर्गा सप्तशती आदि का पाठ करें। इसके बाद परिवार समेत माता के जयकारे लगाएं।-- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
इंसेट
आज मनसा देवी मंदिर से निकाली जाएगी निशान यात्रा
शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित प्राचीन शक्ति सिद्धपीठ मां मनसा देवी मंदिर से नवरात्र के पहले दिन सुबह 9 बजे निशान यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों से होते हुए मंदिर पहुंचेगी। इस यात्रा का शुभारंभ मंदिर के संरक्षक राव बिजेंद्र सिंह करेंगे।
विज्ञापन
नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को मंदिरों की साफ-सफाई की गई। मंदिरों को बिजली के रंगीन झालरों से सजाया गया है। उधर शहर के कई जगहों पर पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। शहर के भाड़ावास गेट बाजार, दुर्गा माता मंदिर, गुड़ बाजार, भूरा बाजार में बुधवार को पूजा सामग्री के लिए लोगों ने खरीदारी की। लोगों ने चुनरी, पानी वाला नारियल, सूखा नारियल, कलश, थाली, धूप, कपूर, रोली, चंदन आदि की खरीदारी की। इस बार नवरात्र पर विशेष पूजा की थाली और पूजा पैकेट ग्राहकों की काफी पसंद आ रहे हैं।
विज्ञापन
आज मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। शैल का मतलब पर्वत है। पर्वत की पुत्री पार्वती है। ये ही जगदंबा हैं। इसीलिए पहले दिन इनकी पूजा होती है। कम से कम एक या दो व्रत जरूर रखें। इससे मां प्रसन्न होती हैं। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। चौकी को गंगाजल से साफ करके मां दुर्गा की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। पूरे परिवार के साथ कलश स्थापना की जाती है। घट स्थापना के बाद मां शैलपुत्री का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। माता को कुमकुम और अक्षत लगाएं। इसके बाद सफेद, पीले या लाल फूल माता को अर्पित करें। माता के सामने धूप, दीप जलाएं और पांच देसी घी के दीपक जलाएं। इसके बाद माता की आरती उतारें और फिर शैलपुत्री माता की कथा, दुर्गा चालिसा, दुर्गा स्तुति या दुर्गा सप्तशती आदि का पाठ करें। इसके बाद परिवार समेत माता के जयकारे लगाएं।
विज्ञापन
इंसेट
आज मनसा देवी मंदिर से निकाली जाएगी निशान यात्रा
शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित प्राचीन शक्ति सिद्धपीठ मां मनसा देवी मंदिर से नवरात्र के पहले दिन सुबह 9 बजे निशान यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों से होते हुए मंदिर पहुंचेगी। इस यात्रा का शुभारंभ मंदिर के संरक्षक राव बिजेंद्र सिंह करेंगे।