{"_id":"631e30e777be7a46f839848f","slug":"services-of-anganwadi-workers-and-assistants-restored-rewari-news-rtk6577470191","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की सेवाएं बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की सेवाएं बहाल
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को अब पंख लग जाएंगे क्योंकि जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की सेवाएं बहाल हो गई हैं। सोमवार को अधिकतर इस विभाग में अपनी सेवाएं संभाल लेंगी।
गत वर्ष 9 दिसंबर से अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजा दिया था। उसके बाद चले आंदोलन ने जोर पकड़ा 120 से अधिक दिनों तक संघर्ष चला। कई बार विरोध बैठकें, विरोध जुलूस निकाले गए और जनता से सहयोग के लिए झोली फैलाकर दान भी मांगा गया। प्रदेश के सभी जिलों में यह आंदोलन चला। पंचकुला तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने रुख किया। चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक स्तर पर बैठकें हुई। आखिरकार दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इन सभी को निलंबन और सेवाएं बर्खास्त करने की चेतावनी दी और बाद में उस चेतावनी पर अमल भी हुआ। 4 अप्रैल के बाद से सरकार ने प्रत्येक महिला कर्मचारी के मामले को अलग - अलग मामले के तौर पर अपनी परख के बाद सेवाएं बहाली का निर्णय लिया।
जिला रेवाड़ी की बात करें तो यहां से संबंधित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की अब बहाली हो गई है। वीरवार को सभी बाकी महिला कर्मचारियों के बहाली के आदेश भी आ गए हैं। अब सोमवार को ये भी अपना पद संभाल लेंगी। ऐसा होने से अब यह उम्मीद जागी है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को नए पंख लगेंगे।विभाग का जो काम अब तक सिरे नहीं चढ़ा था, वह अब पटरी पर आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-----------------
एक नजर
जिले में कुल आंगनबाड़ी केंद्र - 1099
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता - 1045
आंगनबाड़ी सहायिका - 972
(नोट - सेवामुक्त होने या फिर पारिवारिक परिस्थति या अन्य कारण से सेवा छोड़ने वाली कर्मचारियों की संख्या अभी उपलब्ध नहीं)
-----------------
प्रदेश में अभी 17 पर चल रहे मामले
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल को काले झंडे दिखाने समेत संघर्ष में विभागीय अधिकारियों पर सख्त टिप्पणी और व्यवहार को लेकर 17 मामले ऐसे चल रहे हैं, जो महिला एवं बाल विकास विभाग के पास अभी विचाराधीन हैं और इनमें से कुछ मामले पुलिस के संज्ञान में भी हैं।
-------------------
वर्जन
- जिले में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की बहाली हो गई है। काफी को सेवाएं संभाल दी गई हैं, जबकि कुछ सोमवार को अपना पदभार संभाल लेंगी। निश्चित तौर पर अब विभागीय गतिविधियों की गति बढ़ेगी। फिलहाल राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में गतिविधियां आयोजित कराई जा रही हैं।
- उर्मिल सिवाच, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रेवाड़ी।
विज्ञापन
गत वर्ष 9 दिसंबर से अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजा दिया था। उसके बाद चले आंदोलन ने जोर पकड़ा 120 से अधिक दिनों तक संघर्ष चला। कई बार विरोध बैठकें, विरोध जुलूस निकाले गए और जनता से सहयोग के लिए झोली फैलाकर दान भी मांगा गया। प्रदेश के सभी जिलों में यह आंदोलन चला। पंचकुला तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने रुख किया। चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक स्तर पर बैठकें हुई। आखिरकार दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इन सभी को निलंबन और सेवाएं बर्खास्त करने की चेतावनी दी और बाद में उस चेतावनी पर अमल भी हुआ। 4 अप्रैल के बाद से सरकार ने प्रत्येक महिला कर्मचारी के मामले को अलग - अलग मामले के तौर पर अपनी परख के बाद सेवाएं बहाली का निर्णय लिया।
विज्ञापन
जिला रेवाड़ी की बात करें तो यहां से संबंधित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की अब बहाली हो गई है। वीरवार को सभी बाकी महिला कर्मचारियों के बहाली के आदेश भी आ गए हैं। अब सोमवार को ये भी अपना पद संभाल लेंगी। ऐसा होने से अब यह उम्मीद जागी है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को नए पंख लगेंगे।विभाग का जो काम अब तक सिरे नहीं चढ़ा था, वह अब पटरी पर आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-----------------
एक नजर
जिले में कुल आंगनबाड़ी केंद्र - 1099
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता - 1045
आंगनबाड़ी सहायिका - 972
(नोट - सेवामुक्त होने या फिर पारिवारिक परिस्थति या अन्य कारण से सेवा छोड़ने वाली कर्मचारियों की संख्या अभी उपलब्ध नहीं)
-----------------
प्रदेश में अभी 17 पर चल रहे मामले
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल को काले झंडे दिखाने समेत संघर्ष में विभागीय अधिकारियों पर सख्त टिप्पणी और व्यवहार को लेकर 17 मामले ऐसे चल रहे हैं, जो महिला एवं बाल विकास विभाग के पास अभी विचाराधीन हैं और इनमें से कुछ मामले पुलिस के संज्ञान में भी हैं।
-------------------
वर्जन
- जिले में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की बहाली हो गई है। काफी को सेवाएं संभाल दी गई हैं, जबकि कुछ सोमवार को अपना पदभार संभाल लेंगी। निश्चित तौर पर अब विभागीय गतिविधियों की गति बढ़ेगी। फिलहाल राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में गतिविधियां आयोजित कराई जा रही हैं।
- उर्मिल सिवाच, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रेवाड़ी।