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Rewari News: स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ रहे मामले, विभाग की बढ़ी चिंता
Sun, 13 Sep 2026 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:22 PM IST
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रेवाड़ी। जिले में स्वाइन फ्लू और डेंगू के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या सात व डेंगू के मामलों की संख्या 26 पहुंच गई है। जिले में मलेरिया के कुल 12 मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए घर-घर जाकर सर्वे और जागरूकता अभियान चला रही हैं। अब तक 15,52,497 घरों की जांच की जा चुकी है और 2089 नोटिस जारी किए गए हैं।
लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर-टंकियों की नियमित सफाई करने और लार्वा के संभावित स्रोत खत्म करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, स्वाइन फ्लू को लेकर भी सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
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सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि संक्रमित मरीज की स्थिति पर विभाग की ओर से नजर रखी जा रही है और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
इन बातों का रखे ध्यान :
सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू में शुरुआत में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। चिकित्सक जरूरत के अनुसार सैंपल की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत या हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए घर-घर जाकर सर्वे और जागरूकता अभियान चला रही हैं। अब तक 15,52,497 घरों की जांच की जा चुकी है और 2089 नोटिस जारी किए गए हैं।
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लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर-टंकियों की नियमित सफाई करने और लार्वा के संभावित स्रोत खत्म करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, स्वाइन फ्लू को लेकर भी सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
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सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि संक्रमित मरीज की स्थिति पर विभाग की ओर से नजर रखी जा रही है और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
इन बातों का रखे ध्यान :
सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू में शुरुआत में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। चिकित्सक जरूरत के अनुसार सैंपल की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत या हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।