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Rewari News: बुजुर्गों के लिए अलग से ओपीडी की शुरू, पर सुविधाएं कम
Wed, 26 Feb 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:35 AM IST
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फोटो : 01सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओपीडी शुरू तो कर दी गई है लेकिन वहां अभी सुविधाओं की कमी है। बुजुर्गों को पर्ची कटवाने के लिए नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। यहां उन्हें पूरी दवाएं भी नहीं मिलती हैं। भागदौड़ करने से बुजुर्गों को परेशानी होती है।
अस्पताल आने वाले अधिकतर बुजुर्गों को चलने-फिरने में समस्या होती है। ऐसे में भागदौड़ करने में बुजुर्गों को दिक्कत होती है। बुजुर्गों ने यह भी मांग की है कि अगर सभी सुविधाएं एक ही छत पर मिल जाएं तो इससे उनका समय भी बचेगा और आने-जाने में तकलीफ नहीं होगी। एमएस यादव, आनंद स्वरूप, केएल कोहली ने बताया कि पर्ची के लिए वहीं पर ही सुविधा होनी चाहिए ताकि बुजुर्गों को भटकना न पड़े। बताया कि पुरानी बिल्डिंग में विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं बैठते हैं। अगर उनको किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत पड़ जाए तो दूसरी जगह दिखाने के लिए जाना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में गुर्दा रोग, हृदय रोग, यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, लीवर, आंत्र व पेट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इससे संबंधित रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। निजी डाक्टरों से इलाज कराने से बुजुर्गों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सप्ताह में कम से कम एक दिन विशेषज्ञ डाक्टरों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।
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बुजुर्ग बोले - पूरी दवाएं नहीं मिलती
राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, एमएस शर्मा, ओमप्रकाश व जगदीश प्रसाद ने बताया कि दवाएं पूरी नहीं मिलती हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि दवाएं पूरी मिले, ताकि बाहर न खरीदनी पड़े। इसके लिए इंतजाम करने की जरूरत है। बुजुर्ग बार-बार चक्कर लगाए यह भी ठीक नहीं है। बिल्कुल भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि पेंशनर को कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिए सीएम को पत्र लिखकर पोर्टल को खोलने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि कैशलेस उपचार के न होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्जन
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से ओपीडी शुरू की गई है। हालांकि अभी सुविधाओं की कमी है। बुजुर्गों को पर्ची कटवाने के लिए नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। दवाएं पूरी नहीं मिलती हैं। पेंशनर को कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। बुजुर्गों की समस्याएं संज्ञान ली जाएं। -मुरारीलाल, प्रधान, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन।
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओपीडी शुरू तो कर दी गई है लेकिन वहां अभी सुविधाओं की कमी है। बुजुर्गों को पर्ची कटवाने के लिए नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। यहां उन्हें पूरी दवाएं भी नहीं मिलती हैं। भागदौड़ करने से बुजुर्गों को परेशानी होती है।
अस्पताल आने वाले अधिकतर बुजुर्गों को चलने-फिरने में समस्या होती है। ऐसे में भागदौड़ करने में बुजुर्गों को दिक्कत होती है। बुजुर्गों ने यह भी मांग की है कि अगर सभी सुविधाएं एक ही छत पर मिल जाएं तो इससे उनका समय भी बचेगा और आने-जाने में तकलीफ नहीं होगी। एमएस यादव, आनंद स्वरूप, केएल कोहली ने बताया कि पर्ची के लिए वहीं पर ही सुविधा होनी चाहिए ताकि बुजुर्गों को भटकना न पड़े। बताया कि पुरानी बिल्डिंग में विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं बैठते हैं। अगर उनको किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत पड़ जाए तो दूसरी जगह दिखाने के लिए जाना पड़ता है।
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उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में गुर्दा रोग, हृदय रोग, यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, लीवर, आंत्र व पेट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इससे संबंधित रोगियों को रेफर कर दिया जाता है। निजी डाक्टरों से इलाज कराने से बुजुर्गों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सप्ताह में कम से कम एक दिन विशेषज्ञ डाक्टरों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।
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बुजुर्ग बोले - पूरी दवाएं नहीं मिलती
राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, एमएस शर्मा, ओमप्रकाश व जगदीश प्रसाद ने बताया कि दवाएं पूरी नहीं मिलती हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि दवाएं पूरी मिले, ताकि बाहर न खरीदनी पड़े। इसके लिए इंतजाम करने की जरूरत है। बुजुर्ग बार-बार चक्कर लगाए यह भी ठीक नहीं है। बिल्कुल भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि पेंशनर को कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिए सीएम को पत्र लिखकर पोर्टल को खोलने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि कैशलेस उपचार के न होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्जन
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से ओपीडी शुरू की गई है। हालांकि अभी सुविधाओं की कमी है। बुजुर्गों को पर्ची कटवाने के लिए नई बिल्डिंग में जाना पड़ता है। दवाएं पूरी नहीं मिलती हैं। पेंशनर को कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। बुजुर्गों की समस्याएं संज्ञान ली जाएं। -मुरारीलाल, प्रधान, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन।