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Rewari News: डीएपी के लिए रही मारामारी, तेज धूप में लाइन में खड़े रहे किसान

Wed, 16 Sep 2026 11:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 16 Sep 2026 11:15 PM IST
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Scramble for DAP; farmers stood in queues under the scorching sun.
अनाज मंडी में डीएपी के लिए लाइन में खड़े किसान। संवाद
रेवाड़ी। जिले में डीएपी खाद को लेकर किसानों की परेशानी फिर बढ़ने लगी है। हर वर्ष डीएपी की कमी और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों को संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाता है। इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में किसान डीएपी लेने के लिए खाद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर किसानों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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बुधवार को भी डीएपी लेने के लिए किसान तेज धूप में लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। किसानों का कहना है कि फसल की बोआई के समय डीएपी की आवश्यकता होती है, लेकिन समय पर खाद नहीं मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
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सुबह से केंद्रों पर पहुंचने के बावजूद कई किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों के अनुसार, डीएपी लेने के लिए हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है।
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किसानों ने बताया कि खाद की आवश्यकता पहले से निर्धारित होने के बावजूद सीजन शुरू होते ही मांग बढ़ जाती है और उपलब्धता को लेकर परेशानी सामने आने लगती है। इससे किसानों को अपनी खेती का काम प्रभावित होने की चिंता रहती है। कई किसान अपनी बारी के इंतजार में धूप में खड़े रहे, जबकि कुछ किसानों को खाद उपलब्ध होने की जानकारी के बाद दोबारा केंद्रों पर पहुंचना पड़ा।

डीएपी की जरूरत रबी फसलों की बोआई के समय
किसान सुरेश, राजपाल व रोहित का कहना है कि डीएपी की जरूरत फसलों की बोआई के समय होती है और इस दौरान खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना जरूरी है। उनका कहना है कि हर साल प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से व्यवस्था किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि डीएपी की उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था पहले से बेहतर की जाए, ताकि उन्हें खाद लेने के लिए घंटों कतार में खड़ा न होना पड़े। डीएपी के लिए हर वर्ष होने वाली मारामारी का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
वर्जन
डीएपी की कोई कमी नहीं है। हमारे पास स्टॉक मौजूद है। किसान डीएपी के लिए परेशान हों। धैर्य रखें।-ईश्वर जाखड़, कृषि अधिकारी
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