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पानी की करें बचत, मई-जून में बढ़ सकती है पेयजल समस्या
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जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। पेयजल को लेकर जिले के लोगों की समस्या बढ़ सकती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 416 गांवों और रेवाड़ी शहर में नहरी जल परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाता है। जनवरी में शहर में 21 एमएलडी पेयजल खपत थी, जो अप्रैल में बढ़कर 25 एमएलडी तक पहुंचने की उम्मीद है। मई-जून में पेयजल की मांग 30 एमएलडी से ऊपर जाने की संभावना है। यदि शहर में जल संग्रह की बात करें तो जनस्वास्थ्य विभाग के पास केवल 21 एमएलडी नहरी पानी के भंडारण की क्षमता ही उपलब्ध है। ऐसे में जल संकट गहरा सकता है।
जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता अजय यादव के अनुसार विभाग अभी शहर में 25 एमएलडी पानी की आपूर्ति करने की क्षमता रखता है, मगर गर्मी के मौसम में लगातार बढ़ती पेयजल की मांग को देखते हुए जलापूर्ति विभाग को भी सिंचाई विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले नहरी पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। सिंचाई विभाग नहरों के माध्यम से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आगे पानी भिजवाता है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की मांग के अनुसार सिंचाई विभाग से मांग के अनुसार नहरी पानी नहीं मिल पाता था। अगर मांग के अनुसार नहरी पानी मिले तो पेयजल की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
उन्होंने कहा कि बिजली निगम की ओर से बिजली कटौती भी विभाग को परेशानियां देती हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर ऐसा होता है, जिसकी वजह से जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजलापूर्ति का निर्धारित शेडयूल बदलना पड़ता है।
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उन्होंने संकेत किया कि सिंचाई विभाग से पर्याप्त नहरी पानी समयबद्ध मिले और बिजली की कटौती नहीं हो तो पेयजल आपूर्ति में परेशानी नहीं आएगी, लेकिन ये दोनों में तालमेल नहीं होने की वजह से पेयजल आपूर्ति में परेशानी आती है। सिंचाई विभाग के पास पीछे से नहरी पानी आने का अलग शेडयूल है और उस पानी को स्वच्छ बनाकर हम उसे लोगों को आपूर्ति करते हैं।
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नहरी पानी आपूर्ति पर एक नजर
- जनवरी में 10 दिन पानी चला और जिले को 10230 क्यूसेक पानी मिला। यह पानी साल्हावास पंप हाउस से प्राणपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी तक और इसके बाद जवाहरलाल नेहरू नहर पंप हाउस तक पहुंचता है। यह पानी सुबह-शाम जिले को मिला।
- फरवरी में 16 दिन बाद जिले में पानी की बारी आई। पहली फरवरी से 5 फरवरी तक 2205 क्यूसेक पानी आया, जबकि पूरे मार्च माह में 16 दिन पानी चला और कुल 10590 क्यूसेक पानी आया।
- 17 अप्रैल तक साल्हावास पंप हाउस पर नहरी पानी आने की उम्मीद है। वहां से इस पानी को जिले में आने में 24 घंटे लग जाते हैं।
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कोट
गर्मी के मौसम में शहर में जल की मांग बढ़ी है। मई-जून में यह और बढ़ने की संभावना है। जिले में नहरी पानी आता है, उसी को स्वच्छ बनाकर लोगों तक भेजा जाता है। वर्तमान में 25 एमएलडी पानी की जरूरत है। बिजली कटौती की वजह से पेयजल आपूर्ति का शेडयूल बदलना पड़ता है। विभाग अपनी ओर से लोगों को पेयजल पूरी दूर करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। - अजय यादव, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता अजय यादव के अनुसार विभाग अभी शहर में 25 एमएलडी पानी की आपूर्ति करने की क्षमता रखता है, मगर गर्मी के मौसम में लगातार बढ़ती पेयजल की मांग को देखते हुए जलापूर्ति विभाग को भी सिंचाई विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले नहरी पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। सिंचाई विभाग नहरों के माध्यम से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आगे पानी भिजवाता है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की मांग के अनुसार सिंचाई विभाग से मांग के अनुसार नहरी पानी नहीं मिल पाता था। अगर मांग के अनुसार नहरी पानी मिले तो पेयजल की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
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उन्होंने कहा कि बिजली निगम की ओर से बिजली कटौती भी विभाग को परेशानियां देती हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर ऐसा होता है, जिसकी वजह से जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजलापूर्ति का निर्धारित शेडयूल बदलना पड़ता है।
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उन्होंने संकेत किया कि सिंचाई विभाग से पर्याप्त नहरी पानी समयबद्ध मिले और बिजली की कटौती नहीं हो तो पेयजल आपूर्ति में परेशानी नहीं आएगी, लेकिन ये दोनों में तालमेल नहीं होने की वजह से पेयजल आपूर्ति में परेशानी आती है। सिंचाई विभाग के पास पीछे से नहरी पानी आने का अलग शेडयूल है और उस पानी को स्वच्छ बनाकर हम उसे लोगों को आपूर्ति करते हैं।
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नहरी पानी आपूर्ति पर एक नजर
- जनवरी में 10 दिन पानी चला और जिले को 10230 क्यूसेक पानी मिला। यह पानी साल्हावास पंप हाउस से प्राणपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी तक और इसके बाद जवाहरलाल नेहरू नहर पंप हाउस तक पहुंचता है। यह पानी सुबह-शाम जिले को मिला।
- फरवरी में 16 दिन बाद जिले में पानी की बारी आई। पहली फरवरी से 5 फरवरी तक 2205 क्यूसेक पानी आया, जबकि पूरे मार्च माह में 16 दिन पानी चला और कुल 10590 क्यूसेक पानी आया।
- 17 अप्रैल तक साल्हावास पंप हाउस पर नहरी पानी आने की उम्मीद है। वहां से इस पानी को जिले में आने में 24 घंटे लग जाते हैं।
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कोट
गर्मी के मौसम में शहर में जल की मांग बढ़ी है। मई-जून में यह और बढ़ने की संभावना है। जिले में नहरी पानी आता है, उसी को स्वच्छ बनाकर लोगों तक भेजा जाता है। वर्तमान में 25 एमएलडी पानी की जरूरत है। बिजली कटौती की वजह से पेयजल आपूर्ति का शेडयूल बदलना पड़ता है। विभाग अपनी ओर से लोगों को पेयजल पूरी दूर करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। - अजय यादव, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।