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Rewari News: भ्रष्ट नेता, अधिकारियों पर कटाक्ष
Tue, 07 May 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 May 2024 02:25 AM IST
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रेवाड़ी। बाल भवन में रविवार को ''नाटक नहीं'' का मंचन किया गया। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता वंदना पोपली मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रही। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ रंगकर्मी राम चरण ने की। रंगकर्मी मास्टर देशराज व मास्टर विजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।
मंचन की शुरुआत वीरवार रात आठ बजे मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया गया। संस्था की उपप्रधान हिमानी ने बताया नाटक नहीं हिंदी साहित्यकार वैष्णव लक्ष्मीकांत द्वारा लिखा गया है। नाटक में राजनीति से लेकर राज व्यवस्था पर कटाक्ष भी किया गया है। नाटक की शुरुआत में दो भिखारी लोगों से उनके धर्म के अनुसार भीख मांगने का तरीका अपनाते हैं। आदमी अगर हिंदू हुआ तो भगवान के नाम पर दे बाबा, यदि मुस्लिम हुआ तो अल्लाह के नाम पर दे बाबा, एक घंटे तक चले इस नाटक में धर्म, राजनीति तथा महिला सशक्तीकरण, रोजगार, न्याय व्यवस्था आदि सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष किया गया। नाटक में भ्रष्ट नेता तथा भ्रष्ट अधिकारियों पर भी कटाक्ष किया गया।
नाटक में भिखारी नंबर एक का किरदार ललित वर्मा, भिखारी नंबर दो की भूमिका में आर्यन, आगंतुक की भूमिका में मोहित राजपूत, पीड़िता की भूमिका में आरती सेक्सेना, मोलवी की भूमिका में आरव यादव, औरत की भूमिका में प्रियंका यादव, भिखारिन की भूमिका में आंचल, नेता की भूमिका में डॉ. अंकुर खेर, सेठ की भूमिका में कशिश बत्रा आदि रहे। इस अवसर पर पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बलदोडिया, केके सक्सेना, सुशांत यादव, रमेश वशिष्ट, वीरेंद्र कुमार, एचसी संतोष, राष्ट्रीय कवि आलोक भांडोरिया, संजय चौधरी, लोक कलाकार अभिषेक सैनी आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन रेवाड़ी के बेहतरीन कवि सुधीर यादव ने किया।
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मंचन की शुरुआत वीरवार रात आठ बजे मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया गया। संस्था की उपप्रधान हिमानी ने बताया नाटक नहीं हिंदी साहित्यकार वैष्णव लक्ष्मीकांत द्वारा लिखा गया है। नाटक में राजनीति से लेकर राज व्यवस्था पर कटाक्ष भी किया गया है। नाटक की शुरुआत में दो भिखारी लोगों से उनके धर्म के अनुसार भीख मांगने का तरीका अपनाते हैं। आदमी अगर हिंदू हुआ तो भगवान के नाम पर दे बाबा, यदि मुस्लिम हुआ तो अल्लाह के नाम पर दे बाबा, एक घंटे तक चले इस नाटक में धर्म, राजनीति तथा महिला सशक्तीकरण, रोजगार, न्याय व्यवस्था आदि सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष किया गया। नाटक में भ्रष्ट नेता तथा भ्रष्ट अधिकारियों पर भी कटाक्ष किया गया।
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नाटक में भिखारी नंबर एक का किरदार ललित वर्मा, भिखारी नंबर दो की भूमिका में आर्यन, आगंतुक की भूमिका में मोहित राजपूत, पीड़िता की भूमिका में आरती सेक्सेना, मोलवी की भूमिका में आरव यादव, औरत की भूमिका में प्रियंका यादव, भिखारिन की भूमिका में आंचल, नेता की भूमिका में डॉ. अंकुर खेर, सेठ की भूमिका में कशिश बत्रा आदि रहे। इस अवसर पर पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर बलदोडिया, केके सक्सेना, सुशांत यादव, रमेश वशिष्ट, वीरेंद्र कुमार, एचसी संतोष, राष्ट्रीय कवि आलोक भांडोरिया, संजय चौधरी, लोक कलाकार अभिषेक सैनी आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन रेवाड़ी के बेहतरीन कवि सुधीर यादव ने किया।
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