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Rewari News: कभी भी आ सकती है स्वच्छता सर्वेक्षण टीम, धरातल पर कचरे का लगा ढेर
Sat, 19 Oct 2024 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:38 AM IST
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फोटो: 11रेवाड़ी। नई अनाज मंडी हाउसिंग बोर्ड के पास लगा कूड़े का ढेर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। केंद्र से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी आ सकती है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है। गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था। अगर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो फिर शहर सफाई में पिछड़ जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था दो माह से ज्यादा खराब हुई है। शहर की मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। केंद्र से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम सर्वे के लिए कभी आ सकती है। नगर परिषद की ओर से इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जिससे स्वच्छता रैंक सुधरने में संशय नजर आ रहा है। मोहल्लों व कॉलोनियों में पूरी तरह घ्र-घर से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। कचरे का उठान करने की जगह डंपिंग यार्डों में जमा कचरे में जलाया जा रहा है जिससे वातावरण दूषित हो रहा है।
गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ में शहर को डबल प्लस मिला था। इस बार शौचालयों की हालत को देखते हुए शहर ओडीएफ में भी पिछड़ने की आशंका है। गत वर्ष नगर परिषद ने स्वच्छता रैंक में पिछड़ने का कारण डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन का टेंडर विलंब से होने, कचरा डंपिंग के लिए जगह का अभाव होना बताया था।
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शहर में गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल, पोस्ट ऑफिस, डॉ. बीआर आंबेडकर चौक, तहसील के सामने, दिल्ली रोड स्थित श्मशान घाट के सामने, शिव नगर में केएलपी कॉलेज के नजदीक, श्रीकृष्ण भवन के पास, जेल रोड पर और ट्रामा सेंटर के पास जगह-जगह डंपिंग यार्ड बने हैं जहां कूड़े का ढेर लगा रहता है।
600 की जरूरत, 337 कर्मचारी उपलब्ध
शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए जगह-जगह डस्टबिन लगाया जाना जरूरी है। कई महीने पहले जिला नगर आयुक्त ने नगर परिषद के अधिकारियों को ट्विन बिन डस्टबिन (गीला और सूखे कूड़े लिए अलग-अलग डस्टबिन) खरीदकर शहर भर में लगाने के आदेश दिए थे लेकिन डस्टबिन नहीं लगाए जा सके। पर्याप्त सफाई कर्मचारी भी नहीं है। 600 कर्मचारियों की जरूरत है, 337 के करीब कर्मचारी हैं। दर्जनों की संख्या में सफाई कर्मचारी इधर-उधर विभागों में लगे हुए हैं। सफाई करने के लिए पर्याप्त औजार तक नहीं है।
पिछले वर्षों में स्वच्छता की रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
वर्जन
शहर में सुचारू रूप से सफाई करवाई जा रही है। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसको लेकर नगर परिषद गंभीर है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।-सुधीर, सीएसआई, नगर परिषद रेवाड़ी।
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2023 में शहर की स्वच्छता रैंकिंग 258 थी। स्वच्छता की चेकिंग के लिए कभी भी अधिकारी दौरा कर सकते हैं। कर्मचारियों व संसाधनों की कमी, उचित कचरा प्रबंधन की कमी, शहर में डस्टबिन का न होना भी गंदगी का कारण है। शहर को स्वच्छ बनाने में आमजन को आगे आना होगा।-प्रियंका यादव, ब्रांड अंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। केंद्र से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी आ सकती है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है। गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था। अगर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो फिर शहर सफाई में पिछड़ जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था दो माह से ज्यादा खराब हुई है। शहर की मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। केंद्र से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम सर्वे के लिए कभी आ सकती है। नगर परिषद की ओर से इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जिससे स्वच्छता रैंक सुधरने में संशय नजर आ रहा है। मोहल्लों व कॉलोनियों में पूरी तरह घ्र-घर से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। कचरे का उठान करने की जगह डंपिंग यार्डों में जमा कचरे में जलाया जा रहा है जिससे वातावरण दूषित हो रहा है।
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गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ में शहर को डबल प्लस मिला था। इस बार शौचालयों की हालत को देखते हुए शहर ओडीएफ में भी पिछड़ने की आशंका है। गत वर्ष नगर परिषद ने स्वच्छता रैंक में पिछड़ने का कारण डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन का टेंडर विलंब से होने, कचरा डंपिंग के लिए जगह का अभाव होना बताया था।
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शहर में गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल, पोस्ट ऑफिस, डॉ. बीआर आंबेडकर चौक, तहसील के सामने, दिल्ली रोड स्थित श्मशान घाट के सामने, शिव नगर में केएलपी कॉलेज के नजदीक, श्रीकृष्ण भवन के पास, जेल रोड पर और ट्रामा सेंटर के पास जगह-जगह डंपिंग यार्ड बने हैं जहां कूड़े का ढेर लगा रहता है।
600 की जरूरत, 337 कर्मचारी उपलब्ध
शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए जगह-जगह डस्टबिन लगाया जाना जरूरी है। कई महीने पहले जिला नगर आयुक्त ने नगर परिषद के अधिकारियों को ट्विन बिन डस्टबिन (गीला और सूखे कूड़े लिए अलग-अलग डस्टबिन) खरीदकर शहर भर में लगाने के आदेश दिए थे लेकिन डस्टबिन नहीं लगाए जा सके। पर्याप्त सफाई कर्मचारी भी नहीं है। 600 कर्मचारियों की जरूरत है, 337 के करीब कर्मचारी हैं। दर्जनों की संख्या में सफाई कर्मचारी इधर-उधर विभागों में लगे हुए हैं। सफाई करने के लिए पर्याप्त औजार तक नहीं है।
पिछले वर्षों में स्वच्छता की रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 258 246 186
वर्जन
शहर में सुचारू रूप से सफाई करवाई जा रही है। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसको लेकर नगर परिषद गंभीर है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।-सुधीर, सीएसआई, नगर परिषद रेवाड़ी।
2023 में शहर की स्वच्छता रैंकिंग 258 थी। स्वच्छता की चेकिंग के लिए कभी भी अधिकारी दौरा कर सकते हैं। कर्मचारियों व संसाधनों की कमी, उचित कचरा प्रबंधन की कमी, शहर में डस्टबिन का न होना भी गंदगी का कारण है। शहर को स्वच्छ बनाने में आमजन को आगे आना होगा।-प्रियंका यादव, ब्रांड अंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी।