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Rewari News: नाहड़ और बावल ब्लाक परिसर में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने दिया धरना

Mon, 18 May 2026 10:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 18 May 2026 10:49 PM IST
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Rural sanitation workers staged a sit-in protest at Nahar and Bawal block premises.
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन सोमवार को भी जारी रही। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने नाहड़ और बावल ब्लॉक परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी की। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने 20 मई तक राज्यव्यापी हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
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धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार और संचालन जिला सचिव मनोज कुमार ने किया। जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि 15 और 16 मई को जिला स्तर पर हड़ताल शुरू की गई थी। अब आंदोलन को ब्लॉक स्तर तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 19 मई से रेवाड़ी हेड ब्लॉक में हड़ताल शुरू की जाएगी।
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नाहड़ ब्लॉक में हड़ताल की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान सोनू कुमार ने की। संचालन ब्लॉक कैशियर पवन कुमार ने किया। वहीं बावल ब्लॉक में आयोजित धरने की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर और संचालन दौलत राम ने किया।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का लगातार शोषण हो रहा है। कर्मचारियों को न तो स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही पूरा वेतन मिल रहा है।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार ने कई बार घोषणाएं कीं लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। मार्च 2024 के बजट सत्र में 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी भर्ती करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 9700 पद खाली पड़े हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन देने की घोषणा भी लागू नहीं हुई है। 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 400 की आबादी पर एक स्थायी कर्मचारी भर्ती करने, एक्सग्रेशिया नीति लागू करने, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने जैसी मांगें लंबित हैं।

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एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की नहीं हुई स्थायी भर्ती
यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की स्थायी भर्ती नहीं की गई। जब नगरपालिका कर्मचारी हड़ताल पर गए तो सरकार आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कर्मचारी सहन नहीं करेंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियन ने मंत्री और मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी निर्णय लिया है।
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