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Rewari News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने 20 मई तक बढ़ाई हड़ताल
Sat, 16 May 2026 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 16 May 2026 11:28 PM IST
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मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत : यूनियन
रेवाड़ी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने अपनी राज्यव्यापी हड़ताल को 20 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है। यूनियन की राज्य कमेटी की हुई वर्चुअल बैठक में तय किया गया है कि 24 और 25 मई को प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी नरवाना में कैबिनेट मंत्री कृष्णा बेदी के कार्यालय पर महापड़ाव डालेंगे।
यूनियन नेता बसाऊराम, विनोद कुमार, संदीप सिंह और जोगिंदर सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का पिछले 19 वर्षों से लगातार शोषण हो रहा है। कर्मचारियों को न तो स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही पूरा वेतन मिल रहा है।
सरकार लगातार सफाई कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। नेताओं ने कहा कि पॉलिसी बनाकर कर्मचारियों को पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार व 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
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यूनियन नेताओं ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। वर्तमान में प्रदेश में करीब 9700 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा 24 नवंबर 2024 को घोषित 26 हजार रुपये वेतन और 11 जून 2025 को घोषित वेतन वृद्धि भी लागू नहीं की गई।
बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान बसाऊराम ने की जबकि संचालन उपमहासचिव देवीराम ने किया। हड़ताल के दूसरे दिन आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार ने की और मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर ने किया।
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समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को किया जाएगा तेज
नेताओं ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की स्थायी भर्ती नहीं की गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन ने मांग की है कि कच्चे सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी मिले, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। इसके अलावा वर्दी, धुलाई, औजार, साबुन, तेल और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की भी मांग उठाई गई है। अब ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए आने वाले दिनों में आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक बनाया जाएगा।
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यूनियन नेता बसाऊराम, विनोद कुमार, संदीप सिंह और जोगिंदर सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का पिछले 19 वर्षों से लगातार शोषण हो रहा है। कर्मचारियों को न तो स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही पूरा वेतन मिल रहा है।
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सरकार लगातार सफाई कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। नेताओं ने कहा कि पॉलिसी बनाकर कर्मचारियों को पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार व 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
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यूनियन नेताओं ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। वर्तमान में प्रदेश में करीब 9700 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा 24 नवंबर 2024 को घोषित 26 हजार रुपये वेतन और 11 जून 2025 को घोषित वेतन वृद्धि भी लागू नहीं की गई।
बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान बसाऊराम ने की जबकि संचालन उपमहासचिव देवीराम ने किया। हड़ताल के दूसरे दिन आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार ने की और मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर ने किया।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को किया जाएगा तेज
नेताओं ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की स्थायी भर्ती नहीं की गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन ने मांग की है कि कच्चे सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, मृतक कर्मचारी के परिवार को नौकरी मिले, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। इसके अलावा वर्दी, धुलाई, औजार, साबुन, तेल और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की भी मांग उठाई गई है। अब ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए आने वाले दिनों में आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक बनाया जाएगा।