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डॉक्टरों की लापरवाही से गई नवजात की जान
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कोसली। कोसली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद नवजात की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। नवजात को ऑक्सीजन लगाने में चूक सहित लापरवाही के आरोप स्टाफ पर लगाए। देर रात पुलिस मामला शांत कराने में जुटी थी।
कोसली के श्याम नगर की रहने वाली 40 वर्षीय सीमा को पहले से 6 बेटियां हैं। वह फिर से गर्भवती है और शुक्रवार शाम को उसके परिजन प्रसव के लिए उसे कोसली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सीमा के परिजनों का आरोप है अस्पताल के चिकित्सकों ने पहले बताया था कि आसानी से सामान्य डिलीवरी हो जाएगी। अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद बेटा पैदा हुआ लेकिन चिकित्सकों ने कुछ मिनट बाद ही बेटे के मुंह में पानी जाने ,कमजोर और खून की कमी बताकर उसे रेवाड़ी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस से उसे भेजते समय नवजात को ऑक्सीजन लगाई गई। नवजात का रंग नीला पड़ चुका था और शरीर फूल गया था और उसने दम तोड़ दिया था।
परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन एंबुलेंस चालक द्वारा लगाई गई थी और उसका फ्लो ज्यादा होने की वजह से ऐसा हुआ। परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात तक मामला शांत करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि अस्पताल के चिकित्सक किसी भी तरह की लापरवाही से इंकार कर रहे थे।
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अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है।
सतेंद्र, एसएचओ थाना कोसली
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बच्चा पैदा होने के बाद रो नहीं रहा था। उसने पेट में ही मल का त्याग कर दिया था। इस वजह से मौत हुई है।- डॉ.जयपाल, एसएमओ
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कोसली के श्याम नगर की रहने वाली 40 वर्षीय सीमा को पहले से 6 बेटियां हैं। वह फिर से गर्भवती है और शुक्रवार शाम को उसके परिजन प्रसव के लिए उसे कोसली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सीमा के परिजनों का आरोप है अस्पताल के चिकित्सकों ने पहले बताया था कि आसानी से सामान्य डिलीवरी हो जाएगी। अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद बेटा पैदा हुआ लेकिन चिकित्सकों ने कुछ मिनट बाद ही बेटे के मुंह में पानी जाने ,कमजोर और खून की कमी बताकर उसे रेवाड़ी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस से उसे भेजते समय नवजात को ऑक्सीजन लगाई गई। नवजात का रंग नीला पड़ चुका था और शरीर फूल गया था और उसने दम तोड़ दिया था।
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परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन एंबुलेंस चालक द्वारा लगाई गई थी और उसका फ्लो ज्यादा होने की वजह से ऐसा हुआ। परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात तक मामला शांत करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि अस्पताल के चिकित्सक किसी भी तरह की लापरवाही से इंकार कर रहे थे।
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अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है।
सतेंद्र, एसएचओ थाना कोसली
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बच्चा पैदा होने के बाद रो नहीं रहा था। उसने पेट में ही मल का त्याग कर दिया था। इस वजह से मौत हुई है।- डॉ.जयपाल, एसएमओ