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मौसम की मार से डरे किसानों ने शुरू की सरसों की कटाई
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बावल खंड में सरसों कटाई में जुटे किसान।
- फोटो : Rewari
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मौसम की मार से डरे किसानों ने सरसों की कटाई आरंभ कर दी है। मौसम विभाग द्वारा 12 मार्च तक मौसम खराब रहने की चेतावनी के बाद जिले में किसानों ने सरसों की कटाई आरंभ कर दी है।
बता दें कि पहले की ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने की जुगत में जुट गए हैं। लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अभी दो दिन और मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की बारिश एवं तेज हवा चलने के साथ-साथ प्रदेश में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है।
अन्य प्रदेशों से आए मजदूर:
पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि व बारिश ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। इस बार भी किसान डरे हुए हैं कहीं अंधड़ उनकी कटी हुई फसल को न नष्ट कर दे। ऐसे में जितना जल्दी हो सके किसान फसल की लावणी कर रहे हैं और मौसम की मार से बचना चाह रहे हैं। उधर, फसल कटाई के सीजन में दूसरे प्रदेशों से भारी संख्या में मजदूर आ रहे हैं, जो निश्चित राशि लेकर फसल की लावणी करते हैं। ये लोग पूरे परिवार सहित प्रत्येक वर्ष आते हैं जिनमें से कुछ तो आस पास गांवों में कटाई सीजन तक के लिए बस जाते हैं। मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए किसान इन मजदूरों से भी लावणी करवाने से हिचकिचा रहे हैं।
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काटी गई फसलों को खुले में न छोड़ें किसान : एएसडीओ
उपमंडल कृषि अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि किसान अपनी काटी गई सरसों की फसल को खुले में न छोड़ें। पकी हुई सरसों को काट सकते हैं, लेकिन हरी फसल को काटने से पैदावार प्रभावित होगी।
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बता दें कि पहले की ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने की जुगत में जुट गए हैं। लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अभी दो दिन और मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की बारिश एवं तेज हवा चलने के साथ-साथ प्रदेश में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है।
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अन्य प्रदेशों से आए मजदूर:
पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि व बारिश ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। इस बार भी किसान डरे हुए हैं कहीं अंधड़ उनकी कटी हुई फसल को न नष्ट कर दे। ऐसे में जितना जल्दी हो सके किसान फसल की लावणी कर रहे हैं और मौसम की मार से बचना चाह रहे हैं। उधर, फसल कटाई के सीजन में दूसरे प्रदेशों से भारी संख्या में मजदूर आ रहे हैं, जो निश्चित राशि लेकर फसल की लावणी करते हैं। ये लोग पूरे परिवार सहित प्रत्येक वर्ष आते हैं जिनमें से कुछ तो आस पास गांवों में कटाई सीजन तक के लिए बस जाते हैं। मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए किसान इन मजदूरों से भी लावणी करवाने से हिचकिचा रहे हैं।
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काटी गई फसलों को खुले में न छोड़ें किसान : एएसडीओ
उपमंडल कृषि अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि किसान अपनी काटी गई सरसों की फसल को खुले में न छोड़ें। पकी हुई सरसों को काट सकते हैं, लेकिन हरी फसल को काटने से पैदावार प्रभावित होगी।