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सड़क हादसे ने छीन लिया जवान, प्रशासन ने भी दी अंतिम विदाई
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कस्बा के साथ लगते गांव आनंदपुर निवासी राज राइफल के जवान संजय की जिंदगी एक सड़क हादसे ने छीन ली। आगरा-पलवल रोड पर हुए सड़क हादसे में देश के लिए जान कुर्बान करने का सपना लेने वाले इस जवान को मंगलवार को उनके पैतृक गांव आनंदपुर में ग्रामीणों, उनके साथियों और प्रशासन की ओर से भावभीनी अंतिम विदाई दी गई।
उनको पुष्प चक्र भेंट करने वालों में बावल के नायब तहसीलदार रवि कुमार, बावल के थाना प्रबंधक सैयद अहमद तथा इस जवान की बटालियन के साथी शामिल रहे। इस जवान की उम्र 30 वर्ष थी, जो दो भाईयों में छोटा था। उनकी बटालियन के जवान ने कहा कि हमें संजय पर सदैव फर्क रहेगा। बटालियन में हम लोग उनको संजय उस्ताद बुलाते थे। साल 2011 में वह सिपाही पद भर्ती हुआ और बेस्ट रायफलमैन मेडल भी जीता। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी संजय छुट्टी पर घर आता था तो बच्चों को एक सैनिक के अनुशासित जीवन का प्रशिक्षण देता था और उन्हें अपनी बटालियन के किस्से सुनाता था। जवान को मुखाग्नि उनके छोटी उम्र के बेटे का हाथ लगवाकर दी गई गई। आज इस जवान को अंतिम विदाई देने के वक्त सैकड़ों ग्रामीण, हरियाणा पुलिस के जवान, प्रशासन के अधिकारी और जवान की बटालियन के साथी उपस्थित रहे।
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उनको पुष्प चक्र भेंट करने वालों में बावल के नायब तहसीलदार रवि कुमार, बावल के थाना प्रबंधक सैयद अहमद तथा इस जवान की बटालियन के साथी शामिल रहे। इस जवान की उम्र 30 वर्ष थी, जो दो भाईयों में छोटा था। उनकी बटालियन के जवान ने कहा कि हमें संजय पर सदैव फर्क रहेगा। बटालियन में हम लोग उनको संजय उस्ताद बुलाते थे। साल 2011 में वह सिपाही पद भर्ती हुआ और बेस्ट रायफलमैन मेडल भी जीता। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी संजय छुट्टी पर घर आता था तो बच्चों को एक सैनिक के अनुशासित जीवन का प्रशिक्षण देता था और उन्हें अपनी बटालियन के किस्से सुनाता था। जवान को मुखाग्नि उनके छोटी उम्र के बेटे का हाथ लगवाकर दी गई गई। आज इस जवान को अंतिम विदाई देने के वक्त सैकड़ों ग्रामीण, हरियाणा पुलिस के जवान, प्रशासन के अधिकारी और जवान की बटालियन के साथी उपस्थित रहे।
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