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Rewari News: अनियमित जीवनशैली और तनाव से बढ़ रहा हृदयरोग का खतरा
Tue, 29 Sep 2026 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:19 AM IST
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सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। अनियमित जीवनशैली, खानपान में बदलाव, बढ़ता तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण लोगों में हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। अधिक उम्र के लोगों के साथ ही युवाओं में भी हृदय संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना 15-20 हृदय रोगी इलाज के लिए आते हैं। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर डॉक्टरों ने लोगों को दिल की सेहत के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फास्ट फूड, तला-भुना और अधिक नमक-चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक कर रहे हैं। इसके साथ ही लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम की कमी, अनियमित दिनचर्या और कामकाज का तनाव हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन भी हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है।
युवाओं में बढ़ते तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली को गंभीरता से लेने की जरूरत है। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित खानपान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करानी चाहिए।
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सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि हृदय रोगों से बचाव के लिए रोजाना नियमित व्यायाम या शारीरिक गतिविधि, पौष्टिक और संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद तथा तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि बीमारी का इंतजार करने के बजाय स्वस्थ लोगों को भी समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराते रहना चाहिए। जागरूकता और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर आना अथवा अचानक अत्यधिक पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण महसूस होने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे मिलेगी टेली ईसीजी सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों के हृदय रोगियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेली ईसीजी सेवा शुरू की है। नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, कोसली उपमंडल अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। सीने में दर्द की शिकायत पर स्थानीय केंद्र में ईसीजी कर रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी जाएगी। विशेषज्ञ करीब 10 मिनट में रिपोर्ट का विश्लेषण कर अपनी राय देंगे। सेवा 24 घंटे निशुल्क उपलब्ध रहेगी। इससे हार्ट अटैक की स्थिति में समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी तथा अनावश्यक रेफरल में भी कमी आएगी।
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग फास्ट फूड, तला-भुना और अधिक नमक-चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक कर रहे हैं। इसके साथ ही लंबे समय तक बैठे रहना, व्यायाम की कमी, अनियमित दिनचर्या और कामकाज का तनाव हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन भी हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है।
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युवाओं में बढ़ते तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली को गंभीरता से लेने की जरूरत है। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित खानपान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करानी चाहिए।
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सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि हृदय रोगों से बचाव के लिए रोजाना नियमित व्यायाम या शारीरिक गतिविधि, पौष्टिक और संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद तथा तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि बीमारी का इंतजार करने के बजाय स्वस्थ लोगों को भी समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराते रहना चाहिए। जागरूकता और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर आना अथवा अचानक अत्यधिक पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण महसूस होने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे मिलेगी टेली ईसीजी सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों के हृदय रोगियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेली ईसीजी सेवा शुरू की है। नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, कोसली उपमंडल अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। सीने में दर्द की शिकायत पर स्थानीय केंद्र में ईसीजी कर रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी जाएगी। विशेषज्ञ करीब 10 मिनट में रिपोर्ट का विश्लेषण कर अपनी राय देंगे। सेवा 24 घंटे निशुल्क उपलब्ध रहेगी। इससे हार्ट अटैक की स्थिति में समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी तथा अनावश्यक रेफरल में भी कमी आएगी।