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जिले में डेंगू की दस्तक, नागरिक अस्पताल ने नकारा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:19 AM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
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रेवाड़ी के बावल स्थित औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी करने वाले युवक में डेंगू होने का संदिग्ध मामला सामने आया है। वहीं नागरिक अस्पताल प्रशासन ने इसे नकारा है।
गांव सांपली में रहने वाले युवक ने बुखार की शिकायत पर गत दिनों गांव में ही डॉक्टर से जांच कराई। डॉक्टरों ने युवक को रेवाड़ी में उपचार के लिए भेजा। यहां उसने एक निजी अस्पताल में उपचार कराया। अस्पताल प्रशासन ने भी डेंगू का इलाज शुरू कर दिया। युवक में डेंगू की सूचना पर नागरिक अस्पताल प्रशासन भी हरकत में आया और निजी अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की।
डिप्टी सीएमओ डॉ जेके सैनी ने बताया कि मौके पर पहुंचकर युवक की जांच कराई गई है। युवक को अभी डेंगू नहीं हुआ है। निजी अस्पताल से उसकी छुट्टी करवा दी गई है। कोई भी निजी अस्पताल बिना नागरिक अस्पताल की जांच से पहले डेंगूू घोषित नहीं कर सकता है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को लगता है कि उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में आकर जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डेंगू की जांच एवं उपचार निशुल्क है। उन्होंने कहा कि शहर के कुछ डॉक्टर लोगों को डेंगू बताकर उनसे पैसे वसूलने का काम करते हैं, लेकिन इस बार यदि कोई ऐसा केस आया तो प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
गांव सांपली में रहने वाले युवक ने बुखार की शिकायत पर गत दिनों गांव में ही डॉक्टर से जांच कराई। डॉक्टरों ने युवक को रेवाड़ी में उपचार के लिए भेजा। यहां उसने एक निजी अस्पताल में उपचार कराया। अस्पताल प्रशासन ने भी डेंगू का इलाज शुरू कर दिया। युवक में डेंगू की सूचना पर नागरिक अस्पताल प्रशासन भी हरकत में आया और निजी अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की।
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डिप्टी सीएमओ डॉ जेके सैनी ने बताया कि मौके पर पहुंचकर युवक की जांच कराई गई है। युवक को अभी डेंगू नहीं हुआ है। निजी अस्पताल से उसकी छुट्टी करवा दी गई है। कोई भी निजी अस्पताल बिना नागरिक अस्पताल की जांच से पहले डेंगूू घोषित नहीं कर सकता है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को लगता है कि उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में आकर जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डेंगू की जांच एवं उपचार निशुल्क है। उन्होंने कहा कि शहर के कुछ डॉक्टर लोगों को डेंगू बताकर उनसे पैसे वसूलने का काम करते हैं, लेकिन इस बार यदि कोई ऐसा केस आया तो प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
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