{"_id":"57dee9564f1c1b1b0aa829c2","slug":"rewari-people-delhi-path","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुगलों के रास्ते से दिल्ली पहुंचेंगे रेवाड़ी के लोग.","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुगलों के रास्ते से दिल्ली पहुंचेंगे रेवाड़ी के लोग.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब आधी शताब्दी बाद रेवाड़ी के लोग एक बार फिर मुगलों की ओर बनाए गए रास्ते से दिल्ली जाया करेंगे। इसके लिए लोकनिर्माण विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगर ऐसा होता है तो रेवाड़ी दिल्ली जाने के लिए लोगों को करीब छह किलोमीटर रास्ता कम तय करना पड़ेगा। साथ ही रास्ते में पड़ने वाले दो रेलवे फाटकों के अवरोधकों से भी मुक्ति मिलेगी।
संयुक्त पंजाब के समय तक रेवाड़ी के लोग पटौदी, गुड़गांव एवं दिल्ली के लिए मुगलों के शासन में बनाए गए दिल्ली दगड़े मार्ग का उपयोग करते थे। इसके बाद वर्तमान पटौदी मार्ग एक नया रास्ता निकाला गया। इस मार्ग पर दो रेलवे पुल पड़ते हैं। फाटक बंद रहने से लोगों को यहां समय अधिक बिताना पड़ता है।
साथ ही यह पुराने मार्ग से करीब छह किलोमीटर लंबा भी है। अब लोकनिर्माण विभाग दिल्ली दगड़े मार्ग को फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है। अगर यह योजना फलीभूत हो जाती है तो मार्ग पर पड़ने वाले दो दर्जन गांवों के लोगों का फायदा मिलेगा
विज्ञापन
हरियाणा गठन से पहले था इकलौता मार्ग
मुगल साम्राज्य के तीसरे शासक शेरशाह सूरी ने 1540से 1545 के बीच रेवाड़ी-पटौदी-गुडग़ांव एवं दिल्ली को जोड़ने के लिए सैनी स्कूल के समीप स्थित दिल्ली गेट बनवाया था। जिससे यह मार्ग शुरू होकर दिल्ली तक पहुंचता था। जिले के लोग इसे दिल्ली दगड़े के नाम से जानते हैं। दिल्ली गेट से शुरू होकर यह रास्ता नसियाजी होते हुए नया गांव से जांट एवं खोड होता हुआ पटौदी तक निकलता है। इसके बाद पटौदी से गुड़गांव और फिर दिल्ली तक पहुंचता है। रेवाड़ी से पटौदी के बीच इस मार्ग का रि-अलायमेंट संयुक्त पंजाब के समय किया गया था। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनैतिक कारणों से रेवाड़ी पटौदी के बीच दो फाटकों के होने के बावजूद भी दिल्ली दगड़े की बजाय सड़क को शिफ्ट कर दिया गया था।
शिफ्ट करने के समय हुआ था विरोध
दिल्ली-दगड़े की बजाय सडक को शिफ्ट करने का हरियाणा के गठन के बाद भी खूब विरोध हुआ। पूर्व विधायक रघु यादव ने तो दिल्ली-दगड़े को पक्का करने के लिए पैदल मार्च भी निकाला था। लेकिन राजनैतिक कारणों से इस रास्ते की कभी किसी ने सुध नहीं ली।
वर्तमान में यह है स्थिति
वर्तमान में संकरा ही सही लेकिन गांव जांट से लेकर खोड तक दिल्ली दगड़े पर सड़क बन गई है। वहीं खोड से लेकर लेकर पटौदी तक भी सड़क का निर्माण हो चुका है,लेकिन रेवाड़ी में गांव जांट तक यह काम अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग की ओर से दिल्ली गेट से लेकर ढोकी, डाबड़ी, मुंढलिया से जांट तक सड़क का निर्माण करना है। कब्जे व अन्य कारणों से दगड़े के इस भाग का कोई अस्तित्व दिखाई नहीं देता है। रेवाड़ी से नया गांव एवं फिरजाट तक सड़क का निर्माण होने के बाद गोकलपुर सहित करीब दो दर्जन गांवों का लाभ मिलेगा।
---------------
वर्जन-
जांट से खोड़ के बीच सडक़ का निर्माण हो चुका है। रेवाड़ी के दिल्ली गेट से लेकर जांट तक के बीच सडक़ बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही सडक़ का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। इससे करीब दो दर्जन गांव को फायदा होने के साथ रेवाडी-दिल्ली के बीच की दूरी कम होगी।
-राव नरबीर सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग
----------
रेवाड़ी के नेताओं द्वारा निजी स्वार्थो के चलते दिल्ली-दगड़े का अलायमेंट किया गया था।
संयुक्त पंजाब के समय भी इसका विरोध किया गया था,वहीं चालीस साल पहले भी मैने दिल्ली-दगड़े पर सडक़ बनाने के लिए पैदल मार्च निकाला था। डायवर्जन फ्री होने के कारण समय की बचत के साथ दिल्ली-रेवाड़ी के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
-रघु यादव,पूर्व विधायक, रेवाड़ी।
विज्ञापन
संयुक्त पंजाब के समय तक रेवाड़ी के लोग पटौदी, गुड़गांव एवं दिल्ली के लिए मुगलों के शासन में बनाए गए दिल्ली दगड़े मार्ग का उपयोग करते थे। इसके बाद वर्तमान पटौदी मार्ग एक नया रास्ता निकाला गया। इस मार्ग पर दो रेलवे पुल पड़ते हैं। फाटक बंद रहने से लोगों को यहां समय अधिक बिताना पड़ता है।
विज्ञापन
साथ ही यह पुराने मार्ग से करीब छह किलोमीटर लंबा भी है। अब लोकनिर्माण विभाग दिल्ली दगड़े मार्ग को फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है। अगर यह योजना फलीभूत हो जाती है तो मार्ग पर पड़ने वाले दो दर्जन गांवों के लोगों का फायदा मिलेगा
विज्ञापन
हरियाणा गठन से पहले था इकलौता मार्ग
मुगल साम्राज्य के तीसरे शासक शेरशाह सूरी ने 1540से 1545 के बीच रेवाड़ी-पटौदी-गुडग़ांव एवं दिल्ली को जोड़ने के लिए सैनी स्कूल के समीप स्थित दिल्ली गेट बनवाया था। जिससे यह मार्ग शुरू होकर दिल्ली तक पहुंचता था। जिले के लोग इसे दिल्ली दगड़े के नाम से जानते हैं। दिल्ली गेट से शुरू होकर यह रास्ता नसियाजी होते हुए नया गांव से जांट एवं खोड होता हुआ पटौदी तक निकलता है। इसके बाद पटौदी से गुड़गांव और फिर दिल्ली तक पहुंचता है। रेवाड़ी से पटौदी के बीच इस मार्ग का रि-अलायमेंट संयुक्त पंजाब के समय किया गया था। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनैतिक कारणों से रेवाड़ी पटौदी के बीच दो फाटकों के होने के बावजूद भी दिल्ली दगड़े की बजाय सड़क को शिफ्ट कर दिया गया था।
शिफ्ट करने के समय हुआ था विरोध
दिल्ली-दगड़े की बजाय सडक को शिफ्ट करने का हरियाणा के गठन के बाद भी खूब विरोध हुआ। पूर्व विधायक रघु यादव ने तो दिल्ली-दगड़े को पक्का करने के लिए पैदल मार्च भी निकाला था। लेकिन राजनैतिक कारणों से इस रास्ते की कभी किसी ने सुध नहीं ली।
वर्तमान में यह है स्थिति
वर्तमान में संकरा ही सही लेकिन गांव जांट से लेकर खोड तक दिल्ली दगड़े पर सड़क बन गई है। वहीं खोड से लेकर लेकर पटौदी तक भी सड़क का निर्माण हो चुका है,लेकिन रेवाड़ी में गांव जांट तक यह काम अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग की ओर से दिल्ली गेट से लेकर ढोकी, डाबड़ी, मुंढलिया से जांट तक सड़क का निर्माण करना है। कब्जे व अन्य कारणों से दगड़े के इस भाग का कोई अस्तित्व दिखाई नहीं देता है। रेवाड़ी से नया गांव एवं फिरजाट तक सड़क का निर्माण होने के बाद गोकलपुर सहित करीब दो दर्जन गांवों का लाभ मिलेगा।
---------------
वर्जन-
जांट से खोड़ के बीच सडक़ का निर्माण हो चुका है। रेवाड़ी के दिल्ली गेट से लेकर जांट तक के बीच सडक़ बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही सडक़ का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। इससे करीब दो दर्जन गांव को फायदा होने के साथ रेवाडी-दिल्ली के बीच की दूरी कम होगी।
-राव नरबीर सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग
----------
रेवाड़ी के नेताओं द्वारा निजी स्वार्थो के चलते दिल्ली-दगड़े का अलायमेंट किया गया था।
संयुक्त पंजाब के समय भी इसका विरोध किया गया था,वहीं चालीस साल पहले भी मैने दिल्ली-दगड़े पर सडक़ बनाने के लिए पैदल मार्च निकाला था। डायवर्जन फ्री होने के कारण समय की बचत के साथ दिल्ली-रेवाड़ी के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
-रघु यादव,पूर्व विधायक, रेवाड़ी।