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हंगामे की भेंट चढ़ी बजट की बैठक
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:48 AM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के विकास और बजट की मीटिंग बुधवार को पार्षदों और नगर परिषद के अधिकारियों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक के दौरान एक बार तो पार्षद और एमई के बीच हाथापाई की नौबत तक आ गई। विकास और बजट को दरकिनार कर सदन में जमकर हंगामा हुआ। संभावित हाथापाई की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी भी नगर परिषद पहुंच गए। वक्फ बोर्ड से जुड़े नक्शे को लेकर हुए विवाद में करीब पौने घंटे हंगामा ही होता रहा। सभी पार्षदों ने एमई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने के बाद बैठक से वॉक आउट किया। इसके बाद नगर परिषद प्रांगण में ईओ और एमई के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। एमई नरेंद्र सुहाग ने नगर परिषद के कुछ पार्षदों पर मनमर्जी से काम कराने के लिए दबाव बनाने और बात न मानने पर जानबूझकर हंगामा करने का आरोप लगाया है।
वक्फ बोर्ड का नक्शा था विवाद की जड़
बजट मीटिंग के दौरान वार्ड पार्षद इतेंद्र पाल इत्तू जेई दिनेश से वक्फ बोर्ड से जुड़े एक नक्शे के संबंध में बात कर रहे थे। इस दौरान पूर्व प्रधान और पार्षद विजय राव से भी नक्शे पर चर्चा हुई। इसी दौरान पास बैठे म्यूनिसिपल इंजीनियर नरेंद्र सुहाग से उनकी बहस हो गई। इस पर करीब सभी पार्षद इतेंद्र के समर्थन में आ गये और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर मीटिंग हॉल में हंगामा शुरू कर दिया।
प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव पास
पार्षद इतेंद्र पाल ने अधिकारी का पार्षदों के प्रति गलत रवैये बैठक रद होने का कारण बताकर प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव लिखवाया। रजिस्टर पर पहला साइन खुद पार्षद इतेंद्रपाल और दूसरा साइन नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया से कराया गया। इसके बाद पार्षद अशोक राव को छोड़कर मौजूद सभी पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव पर साइन किया।
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महज दस्तखत करवाने के लिए नहीं हैं पार्षद
पिछली हाउस की मीटिंग के दौरान धारा-35 समेत कई मुद्दों पर सर्वसहमति दिखाने का विरोध पार्षद विजय राव ने किया। पार्षद प्रमिला भार्गव, ओमप्रकाश सैनी और अन्य पार्षदों ने भी इस बात का विरोध किया। पार्षदों का कहना था कि वे जनता के चुने प्रतिनिधि हैं। महज हर प्रस्ताव पर दस्तखत करने के लिए नहीं हैं। पार्षदों का आरोप था कि नगर परिषद में अधिकारियों का रवैया उनके साथ ही ठीक नहीं है तो फिर आम जनता के साथ कैसा होगा।
भाड़ावास गेट चौकी इंचार्ज भी पहुंचे
नगर परिषद में हंगामा और हाथापाई की नौबत आने की सूचना भाड़ावास गेट चौकी इंचार्ज कर्ण सिंह तक भी पहुंची। वह नप मीटिंग हॉल में पहुंचे। इस पर कुछ पार्षदों ने बिना अनुमति मीटिंग हॉल के अंदर आने पर आपत्ति जताई। वहीं महिला पार्षदों ने भी पुलिस के हाउस के अंदर आने का विरोध किया।
नप प्रधान ने की मीडियाकर्मी से अभद्रता
हंगामे के दौरान नप प्रधान ने ईओ डॉ. अरविंद बाल्याण के साथ मिलकर कई बार बैठक दोबारा शुरू करने की अपील की। सभी पार्षदों ने उनकी बात को दरकिनार कर दिया। यही नहीं उनसे प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव पास करने के लिए साइन भी करा दिया। नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया से जब मीडियाकर्मी ने बयान लेने की कोशिश की तो उन्होंने मीडियाकर्मी से भी सबके सामने अभद्रता की।
नगर परिषद में अधिकारियों का रवैया पार्षदों के साथ ही ठीक नहीं है। मीटिंग के दौरान पार्षदों की आपसी बातचीत के दौरान भी एमई ने जबरन हस्तक्षेप किया। इसके चलते पार्षदों ने वॉकआउट किया।
इतेंद्र कुमार, वार्ड पार्षद, नगर परिषद
नगर परिषद में कुछ पार्षद जबरन मनमर्जी से काम कराने के लिए अनावश्यक दबाव बनाते हैं। बजट की मीटिंग के दौरान भी इसी के चलते जानबूझकर हंगामा किया गया।
नरेंद्र सुहाग, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद
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वक्फ बोर्ड का नक्शा था विवाद की जड़
बजट मीटिंग के दौरान वार्ड पार्षद इतेंद्र पाल इत्तू जेई दिनेश से वक्फ बोर्ड से जुड़े एक नक्शे के संबंध में बात कर रहे थे। इस दौरान पूर्व प्रधान और पार्षद विजय राव से भी नक्शे पर चर्चा हुई। इसी दौरान पास बैठे म्यूनिसिपल इंजीनियर नरेंद्र सुहाग से उनकी बहस हो गई। इस पर करीब सभी पार्षद इतेंद्र के समर्थन में आ गये और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर मीटिंग हॉल में हंगामा शुरू कर दिया।
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प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव पास
पार्षद इतेंद्र पाल ने अधिकारी का पार्षदों के प्रति गलत रवैये बैठक रद होने का कारण बताकर प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव लिखवाया। रजिस्टर पर पहला साइन खुद पार्षद इतेंद्रपाल और दूसरा साइन नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया से कराया गया। इसके बाद पार्षद अशोक राव को छोड़कर मौजूद सभी पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव पर साइन किया।
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महज दस्तखत करवाने के लिए नहीं हैं पार्षद
पिछली हाउस की मीटिंग के दौरान धारा-35 समेत कई मुद्दों पर सर्वसहमति दिखाने का विरोध पार्षद विजय राव ने किया। पार्षद प्रमिला भार्गव, ओमप्रकाश सैनी और अन्य पार्षदों ने भी इस बात का विरोध किया। पार्षदों का कहना था कि वे जनता के चुने प्रतिनिधि हैं। महज हर प्रस्ताव पर दस्तखत करने के लिए नहीं हैं। पार्षदों का आरोप था कि नगर परिषद में अधिकारियों का रवैया उनके साथ ही ठीक नहीं है तो फिर आम जनता के साथ कैसा होगा।
भाड़ावास गेट चौकी इंचार्ज भी पहुंचे
नगर परिषद में हंगामा और हाथापाई की नौबत आने की सूचना भाड़ावास गेट चौकी इंचार्ज कर्ण सिंह तक भी पहुंची। वह नप मीटिंग हॉल में पहुंचे। इस पर कुछ पार्षदों ने बिना अनुमति मीटिंग हॉल के अंदर आने पर आपत्ति जताई। वहीं महिला पार्षदों ने भी पुलिस के हाउस के अंदर आने का विरोध किया।
नप प्रधान ने की मीडियाकर्मी से अभद्रता
हंगामे के दौरान नप प्रधान ने ईओ डॉ. अरविंद बाल्याण के साथ मिलकर कई बार बैठक दोबारा शुरू करने की अपील की। सभी पार्षदों ने उनकी बात को दरकिनार कर दिया। यही नहीं उनसे प्रोसीडिंग रजिस्टर पर निंदा प्रस्ताव पास करने के लिए साइन भी करा दिया। नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया से जब मीडियाकर्मी ने बयान लेने की कोशिश की तो उन्होंने मीडियाकर्मी से भी सबके सामने अभद्रता की।
नगर परिषद में अधिकारियों का रवैया पार्षदों के साथ ही ठीक नहीं है। मीटिंग के दौरान पार्षदों की आपसी बातचीत के दौरान भी एमई ने जबरन हस्तक्षेप किया। इसके चलते पार्षदों ने वॉकआउट किया।
इतेंद्र कुमार, वार्ड पार्षद, नगर परिषद
नगर परिषद में कुछ पार्षद जबरन मनमर्जी से काम कराने के लिए अनावश्यक दबाव बनाते हैं। बजट की मीटिंग के दौरान भी इसी के चलते जानबूझकर हंगामा किया गया।
नरेंद्र सुहाग, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद