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मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए रेवाड़ी को दूसरा स्थान
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नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
- फोटो : Rewari
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 2015 में शुरू की गई कायाकल्प योजना के तहत 2019 के परिणाम में रेवाड़ी नागरिक अस्पताल को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। वहीं सोनीपत पहले नंबर पर रहा। बढ़ी बात यह है कि महज 0.12 अंक की कमी से रेवाड़ी पहला स्थान पाने से चूक गया। सोनीपत को जहां 86.72 अंक मिले, वहीं रेवाड़ी को 100 में से 86. 60 नबंर मिले। पहले स्थान पर रहे अस्पताल को जहां पर 50 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी, वहीं दूसरे स्थान पर रहे रेवाड़ी को तीन लाख मिलेंगे।
इसके अलावा पीएचसी धारूहेड़ा को दो लाख, पीएचसी भाड़ावास व संगवाड़ी को भी 50-50 हजार रुपये की इनामी राशि मिलेगी। अर्बन सीएचसी आकेड़ा ने भी कायाकल्प की सूची में स्थान बनाया है। बता दें कि 27 जुलाई 2019 को फरीदाबाद से आई एक टीम ने अस्पताल का सर्वे किया था। उसी के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट से नंबर दिए गए हैं।
-लिस्ट में आने के लिए 70 अंक लेना जरूरी : पीएमओ
पीएमओ डॉ. सुशील माही ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2015 में कायाकल्प नाम से इस योजना को शुरू किया था। प्रदेश में अव्वल आने पर 50 लाख की राशि दी जाती है। जांच के दौरान टीम की ओर से सफाई व्यवस्था से लेकर गायनी, ऑपरेशन थियेटर, रिकॉड कीपिंग, लैब, ब्लड बैंक व ट्रॉमा सेंटर में मौजूद मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद ही 100 में अंक दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एंस्योरेंश के लिए सर्वे में शामिल होना है। इसके लिए नवंबर में टीम आएगी। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। वहीं कायाकल्प की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा ने बताया लगातार बेहतर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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इसके अलावा पीएचसी धारूहेड़ा को दो लाख, पीएचसी भाड़ावास व संगवाड़ी को भी 50-50 हजार रुपये की इनामी राशि मिलेगी। अर्बन सीएचसी आकेड़ा ने भी कायाकल्प की सूची में स्थान बनाया है। बता दें कि 27 जुलाई 2019 को फरीदाबाद से आई एक टीम ने अस्पताल का सर्वे किया था। उसी के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट से नंबर दिए गए हैं।
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-लिस्ट में आने के लिए 70 अंक लेना जरूरी : पीएमओ
पीएमओ डॉ. सुशील माही ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2015 में कायाकल्प नाम से इस योजना को शुरू किया था। प्रदेश में अव्वल आने पर 50 लाख की राशि दी जाती है। जांच के दौरान टीम की ओर से सफाई व्यवस्था से लेकर गायनी, ऑपरेशन थियेटर, रिकॉड कीपिंग, लैब, ब्लड बैंक व ट्रॉमा सेंटर में मौजूद मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद ही 100 में अंक दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एंस्योरेंश के लिए सर्वे में शामिल होना है। इसके लिए नवंबर में टीम आएगी। उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। वहीं कायाकल्प की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा ने बताया लगातार बेहतर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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