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Rewari News: छुट्टियों में कटौती, कल से बढ़ेंगे बसों के फेरे
Sat, 10 Oct 2026 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:34 AM IST
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बस पकड़ने के लिए संघर्ष करतीं महिलाएं। संवाद
रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ की संभावना को देखते हुए हरियाणा राज्य परिवहन ने सुगम सफर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। डिपो ने स्थानीय रूटों पर यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों के फेरे बढ़ाने की योजना बनाई है। जरूरत के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसें व्यस्त रूटों पर भेजी जाएंगी। निजी बसों की टाइमिंग में सुधार और उनके चक्कर बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण विभाग से बातचीत की जा रही है।
वर्तमान में डिपो की करीब 135 बसों में प्रतिदिन औसतन 25 हजार यात्री सफर करते हैं। लेकिन त्योहारी सीजन पर विभाग का लक्ष्य है कि प्रतिदिन करीब 30 से 40 हजार यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने करीब 30 हजार यात्रियों के आवागमन को ध्यान में रखकर तैयारी की है। वहीं त्योहारी सीजन में रोडवेज बसों के साथ निजी बसों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
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ऐसे में बसों की टाइमिंग का सही होना जरूरी है। निजी बसों के समय में अंतर कम करने और उनके चक्कर बढ़ाने को लेकर आरटीए विभाग से बातचीत चल रही है। परिवहन विभाग का कहना है कि निर्धारित समय का पालन नहीं करने वाले निजी बस संचालकों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।
रोजाना 50 हजार किलोमीटर का सफर
डिपो की ओर से प्रतिदिन औसतन 50 हजार किलोमीटर बसों के संचालन का दावा किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलती है। डिपो की प्रतिदिन की औसत आय करीब 15 लाख रुपये है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ बसों के संचालन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। इसे देखते हुए उपलब्ध बसों का बेहतर उपयोग करने और व्यस्त रूटों पर सेवाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
छुट्टियों में कटौती, बसों की कमी बनी चुनौती
त्योहारी सीजन में बसों का संचालन सुचारु बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियों में कटौती की जाएगी, ताकि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध रहे। हालांकि, बसों की उपलब्धता इस तैयारी के लिए अहम होगी। यदि जरूरत के अनुरूप बसें उपलब्ध नहीं हुईं तो यात्रियों को भीड़ और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में विभाग के सामने उपलब्ध बसों और कर्मचारियों के बेहतर प्रबंधन के साथ बढ़ती मांग के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहेगी। अब त्योहारी सीजन में परिवहन विभाग की तैयारियों की असली परीक्षा यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध कराने और भीड़ को नियंत्रित रखने में होगी।
वर्जन:
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए स्थानीय रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। ताकि यात्रियों को बसों के लिए अधिक देर तक इंतजार न करना पड़े। विशेष रूप से उन रूटों पर अतिरिक्त फेरे लगाने की योजना है, जहां त्योहारों के दौरान यात्रियों का दबाव अधिक रहता है।- निरंजन शर्मा, महा प्रबंधक राज्य परिवहन डिपो रेवाड़ी।
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वर्तमान में डिपो की करीब 135 बसों में प्रतिदिन औसतन 25 हजार यात्री सफर करते हैं। लेकिन त्योहारी सीजन पर विभाग का लक्ष्य है कि प्रतिदिन करीब 30 से 40 हजार यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
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त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने करीब 30 हजार यात्रियों के आवागमन को ध्यान में रखकर तैयारी की है। वहीं त्योहारी सीजन में रोडवेज बसों के साथ निजी बसों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
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ऐसे में बसों की टाइमिंग का सही होना जरूरी है। निजी बसों के समय में अंतर कम करने और उनके चक्कर बढ़ाने को लेकर आरटीए विभाग से बातचीत चल रही है। परिवहन विभाग का कहना है कि निर्धारित समय का पालन नहीं करने वाले निजी बस संचालकों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।
रोजाना 50 हजार किलोमीटर का सफर
डिपो की ओर से प्रतिदिन औसतन 50 हजार किलोमीटर बसों के संचालन का दावा किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलती है। डिपो की प्रतिदिन की औसत आय करीब 15 लाख रुपये है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ बसों के संचालन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। इसे देखते हुए उपलब्ध बसों का बेहतर उपयोग करने और व्यस्त रूटों पर सेवाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
छुट्टियों में कटौती, बसों की कमी बनी चुनौती
त्योहारी सीजन में बसों का संचालन सुचारु बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियों में कटौती की जाएगी, ताकि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध रहे। हालांकि, बसों की उपलब्धता इस तैयारी के लिए अहम होगी। यदि जरूरत के अनुरूप बसें उपलब्ध नहीं हुईं तो यात्रियों को भीड़ और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में विभाग के सामने उपलब्ध बसों और कर्मचारियों के बेहतर प्रबंधन के साथ बढ़ती मांग के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहेगी। अब त्योहारी सीजन में परिवहन विभाग की तैयारियों की असली परीक्षा यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध कराने और भीड़ को नियंत्रित रखने में होगी।
वर्जन:
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए स्थानीय रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। ताकि यात्रियों को बसों के लिए अधिक देर तक इंतजार न करना पड़े। विशेष रूप से उन रूटों पर अतिरिक्त फेरे लगाने की योजना है, जहां त्योहारों के दौरान यात्रियों का दबाव अधिक रहता है।- निरंजन शर्मा, महा प्रबंधक राज्य परिवहन डिपो रेवाड़ी।