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बारिश ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, प्रशासन अलर्ट
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जलनिकासी की स्थिति का जायजा लेते डीसी यशेन्द्र सिंह।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। सोमवार अलसुबह 3 बजे से हो रही बारिश ने बीते 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। करीब 12 घंटे के दौरान हुई 190 एमएम बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह जलभराव देखने को मिला। राजस्थान की अरावली पहाड़ियों की ओर से खंडोड़ा, टांकडी होता हुआ पानी शहर की तरफ बढ़ रहा है। वहीं खोल क्षेत्र में राजस्थान का पानी मूंदी तक पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन भी युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुट गया है।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी फोन पर डीसी से बात कर बाढ़ से जैसे हालात से निपटने के निर्देश दिए हैं। बता देें कि जयपुर से निकलने वाली साबी नदी से 1996 व 1999 में बाढ़ आई आई थी, पानी शहर तक पहुंच गया था। एक बार फिर से भारी बारिश के चलते इस तरह के हालात बन रहे हैं।
नागरिक अस्पताल से लेकर सेक्टरों तक में जलभराव
शहर के नागरिक अस्पताल से लेकर सेक्टरों में भारी बारिश के चलते जलभराव हो गया है। सीवर ओवरफ्लो होने व ड्रेनेज बंद होने के चलते स्थिति खराब हो चुकी है। यदि अगले तीन दिन तक इसी तरह की बारिश हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इधर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार देर शाम शुरू हुई बारिश के बाद सोमवार को शहर में हुए जलभराव को लेकर जिला उपायुक्त व नगर निगम कमिश्नर से बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों से बारिश के पानी की निकासी के प्रबंध जल्द किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय मंत्री राव ने बताया कि अधिकारियों से बातचीत में उन्हें जानकारी दी गई कि पिछले 12 घंटों में करीब 190 एमएम बारिश में हो चुकी है। जिसके चलते पानी निकासी में देरी हो रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि ड्रेन नंबर आठ लगातार साथ चल रही है।
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कई गांवों में घुसा पानी
राजस्थान की तरफ से बारिश का पानी जिले के कई गांवों में घुस आया है। बावल क्षेत्र के गांव खंडोड़ा, मोहनपुर, टांकड़ी व कनुका आदि गांवों की फिरनी की ओर पानी भरना शुरू हो गया है। सर्वाधिक असर खंडोड़ा गांव में नजर आ रहा है। बारिश का पानी आने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। एसडीएम बावल संजीव कुमार, तहसीलदार मनमोहन सिंह व सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राकेश सैनी सूचना मिलते ही गांवों में पहुंचे और स्थिति पर निगाह बनाए हुए थे। प्रशासन के अनुसार अभी खतरे की कोई बात नहीं है, क्योंकि पानी फिरनी और गांवों की बणी तक पहुंच गया है।
अरावली की पहाड़ियों से आता है पानी
बावल से आगे निकलते ही राजस्थान का अलवर जिला शुरू हो जाता है। बावल क्षेत्र के गांव व अलवर जिले के कई गांव अरावली की पहाड़ी के साथ-साथ ही बसे हुए हैं। अधिक बारिश होते ही पानी अरावली की पहाड़ियों से बहता हुआ राजस्थान के गांवों से होते हुए बावल क्षेत्र के गांवों में प्रवेश कर जाता है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। बारिश का यह पानी रेवाड़ी तक आता है। बारिश के कारण अरावली की पहाड़ियों से बहता हुआ पानी राजस्थान के गांव घिलोट की पहाड़ियां, नयागांव, सिरयानी, गूगलकोटा, जौनायचा होते हुए बावल के गांव खंडोड़ा की ओर तेजी से बहता हुआ पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त मोहनपुर, टांकड़ी व कनुका आदि गांवों में भी पानी पहुंचा है। खंडोड़ा गांव में ग्रामीणों के खेतों में भी कई फीट तक पानी भर गया है। वहीं गांव की फिरनी व बणी भी पूरी तरह से जलमग्न है।
अब तक जुलाई माह में बारिश
2010- 264.0
2011- 113.0
2012- 55.3
2013- 123.0
2014- 141.8
2015- 142.0
2016- 275.3
2017- 75.3
2018- 202.3
2019- 186.8
2020- 52.5
2021- 268 एमएम
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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी फोन पर डीसी से बात कर बाढ़ से जैसे हालात से निपटने के निर्देश दिए हैं। बता देें कि जयपुर से निकलने वाली साबी नदी से 1996 व 1999 में बाढ़ आई आई थी, पानी शहर तक पहुंच गया था। एक बार फिर से भारी बारिश के चलते इस तरह के हालात बन रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल से लेकर सेक्टरों तक में जलभराव
शहर के नागरिक अस्पताल से लेकर सेक्टरों में भारी बारिश के चलते जलभराव हो गया है। सीवर ओवरफ्लो होने व ड्रेनेज बंद होने के चलते स्थिति खराब हो चुकी है। यदि अगले तीन दिन तक इसी तरह की बारिश हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इधर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार देर शाम शुरू हुई बारिश के बाद सोमवार को शहर में हुए जलभराव को लेकर जिला उपायुक्त व नगर निगम कमिश्नर से बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों से बारिश के पानी की निकासी के प्रबंध जल्द किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय मंत्री राव ने बताया कि अधिकारियों से बातचीत में उन्हें जानकारी दी गई कि पिछले 12 घंटों में करीब 190 एमएम बारिश में हो चुकी है। जिसके चलते पानी निकासी में देरी हो रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि ड्रेन नंबर आठ लगातार साथ चल रही है।
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कई गांवों में घुसा पानी
राजस्थान की तरफ से बारिश का पानी जिले के कई गांवों में घुस आया है। बावल क्षेत्र के गांव खंडोड़ा, मोहनपुर, टांकड़ी व कनुका आदि गांवों की फिरनी की ओर पानी भरना शुरू हो गया है। सर्वाधिक असर खंडोड़ा गांव में नजर आ रहा है। बारिश का पानी आने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। एसडीएम बावल संजीव कुमार, तहसीलदार मनमोहन सिंह व सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राकेश सैनी सूचना मिलते ही गांवों में पहुंचे और स्थिति पर निगाह बनाए हुए थे। प्रशासन के अनुसार अभी खतरे की कोई बात नहीं है, क्योंकि पानी फिरनी और गांवों की बणी तक पहुंच गया है।
अरावली की पहाड़ियों से आता है पानी
बावल से आगे निकलते ही राजस्थान का अलवर जिला शुरू हो जाता है। बावल क्षेत्र के गांव व अलवर जिले के कई गांव अरावली की पहाड़ी के साथ-साथ ही बसे हुए हैं। अधिक बारिश होते ही पानी अरावली की पहाड़ियों से बहता हुआ राजस्थान के गांवों से होते हुए बावल क्षेत्र के गांवों में प्रवेश कर जाता है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। बारिश का यह पानी रेवाड़ी तक आता है। बारिश के कारण अरावली की पहाड़ियों से बहता हुआ पानी राजस्थान के गांव घिलोट की पहाड़ियां, नयागांव, सिरयानी, गूगलकोटा, जौनायचा होते हुए बावल के गांव खंडोड़ा की ओर तेजी से बहता हुआ पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त मोहनपुर, टांकड़ी व कनुका आदि गांवों में भी पानी पहुंचा है। खंडोड़ा गांव में ग्रामीणों के खेतों में भी कई फीट तक पानी भर गया है। वहीं गांव की फिरनी व बणी भी पूरी तरह से जलमग्न है।
अब तक जुलाई माह में बारिश
2010- 264.0
2011- 113.0
2012- 55.3
2013- 123.0
2014- 141.8
2015- 142.0
2016- 275.3
2017- 75.3
2018- 202.3
2019- 186.8
2020- 52.5
2021- 268 एमएम