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ट्रेक खुला पर नहीं दौड़ रही ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:07 AM IST
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केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश में जाटों को आरक्षण एवं मरने वालों को मुआवजा देने की घोषणा के बाद आंदोलनकारियों ने ट्रैक तो खाली कर दिया लेकिन प्रशासन की ओर से रेलवे को सुरक्षा की गारंटी न दिए जाने से मंगलवार को ट्रेन नहीं चल सकी। रेलवे ने उपद्रवियों के रवैये को देखते हुए रेलवे जंक्शन पर एहतियात के तौर पर रेलवे पुलिस स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स की एक टुकड़ी के साथ एक आरपीएफ की टुकड़ी को जंक्शन पर तैनात कर दिया है।
जिला प्रशासन की लिखित सुरक्षा की गांरटी के बाद ही रेलवे विभाग ट्रेन को संचालित करेगा। इधर, सोमवार को जाटों द्वारा ट्रेक खाली करने की उम्मीद के बाद जंक्शन पर पहुंचे यात्री पूरे दिन इधर उधर भटकते रहे। इधर रेलवे को इनपुट मिला है कि रेल चलाने के बाद उपद्रवी एक बार फिर से ट्रेक पर आ सकते हैं।
प्रशासन की सुरक्षा की गारंटी के बाद ही रेलवे चलाएगा ट्रेन
राणौली को छोड़कर सभी मार्गों पर से जाट पूर्व में ही हट गए थे। सोमवार देर रात रेवाड़ी-जयपुर मार्ग पर भी राणौली से जाट हटने के बाद क्लियर हो गया था। इसके बाद सोमवार को रेलऌवे ने रेलवे अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ रेवाड़ी-दिल्ली एवं नारनौल ट्रेक पर इंजन चलाकर ट्रॉयल किया था।
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लेकिन बावजूद इसके मंगलवार को भी ट्रेन नहीं चलाई जा सकी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर रेल की सुरक्षा की गांरटी उनकी होती है, लेकिन दो रेलवे स्टेशन के बीच सुरक्षा की जिम्मेदारी सिविल प्रशासन की होती है। सिविल प्रशासन को लाइनों के क्लियर होने की बात तो कह रहा है,लेकिन लिखित में सुरक्षा की गांरटी देने को तैयार नही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो इनपुट मिले हैं कि उपद्रवी एक बार फिर से रेलवे ट्रैक पर आ सकते हैं, इसलिए सुरक्षा की गारंटी के बिना ट्रेन नहीं चलाई जा सकती है।
रेवाड़ी जंक्शन का अब तक एक करोड़ का नुकसान
जाट आंदोलन के हिंसक होने के बाद रेवाड़ी से गुजरने वाली सभी छह लाइनें पूरी तरह ठप हो गई थी। इसी के चलते रेवाड़ी जंक्शन को मंगलवार तक एक करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है। बता दें कि रेवाड़ी जंक्शन पर प्रतिदिन यात्रियों से 25 लाख से ज्यादा की कमाई होती है। वहीं रेवाड़ी-रोहतक एवं रेवाड़ी-हिसार लाइन 14 फरवरी से ही बाधित चल रहा है। ट्रेन सेवाओं के ठप होने का असर रेलवे पर ही नहीं रेवाड़ी में अन्य कारोबार में लगे हजारों लोगों पर भी पड़ा है।
ऑटो चालकों को चार दिनों में बीस लाख का नुकसान
जिले में शनिवार से रेलवे वहीं वहीं शनिवार एवं रविवार को सड़क यातायात पूरी तरह से ठप होने के बाद शहर के हजारों ऑटों चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने के साथ ही, शहर में चलनें वाले पांच सौ ज्यादा ऑटो वालों के को बीस लाख से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। गौरतलब है कि शहर में पांच सौ से ज्यादा ऑटो चलते है,जो अधिकतर केवल रेलवे सवारियों पर ही निर्भर हैं। एक ऑटो चालक को दिन में मालिक को ऑटो का किराया 350 प्रतिदिन देना होता है। लेकिन अब यात्री नहीं होने के चलते उन्हें केवल 50-100 रुपये ही कमा पाते हैं। इस हिसाब से कमाई ठप होने के साथ-साथ ऑटो चालको प्रतिदिन 350 रुपये भी देने पड़ रहे हैं। इधर जाट आंदोलन के कारण रिक्शा स्टैंड सूना रहने के कारण ये भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राहक ही नहीं हैं तो दुकान खोलने का क्या फायदा
रेलवे जंक्शन का सुनापन परिसर के बाहर भी साफ दिख रहा है, ग्राहक नहीं होने के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद कर रखी है। रेलवे स्टेशन के बाहर बंद पड़ी दुकाने जाट आंदोलन के असर की कहानी बयां करने के लिए काफी है। दुकानदारों का कहना है कि इक्का-दुक्का ग्राहक भी नहीं है तो दुकाने खोलने का क्या फायदा। इधर यही हाल रोडवेज बस स्टैंड के बाहर का है। दुकानदारों का कहना है कि जाट आरक्षण के चलते लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं, ग्राहकी तो दूर की बात है।
सुरक्षा की दृष्ठि से रेलवे ने बुलाया अतिरिक्त पुलिस फोर्स
रोहतक-झज्जर में हिंसक घटनाएं नहीं काबू होने के बाद रेवाड़ी रेलवे प्रशासन की ओर से जंक्शन पर रेलवे स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स एवं आरपीएफ की दो टुकड़ियों ने डेरा डाल लिया है। रेलवे प्रशासन को मिले इनपुट के आधार पर उपद्रवी अभी भी रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं,इसलिए एहतिहात के तौर पर दो टुकडिय़ों को बुलाया गया है।
मंगलवार को भी नहीं चल सकी रेवाड़ी-रोहतक मार्ग पर बस
12 फरवरी से बंद पड़ा रेवाड़ी-रोहतक मार्ग पर मंगलवार को भी बसे नहीं चल पाई। स्टेशन सुपरवाइजर देवेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि हाइवे पर खड्डे खुदे हुए हैं तथा झज्जर एवं रोहतक में हालात अभी भी सामान्य नहीं है। यात्रियों एवं रोडवेज संपत्ति की सुरक्षा के मद्देनजर जब तक हालात सामान्य नहीं होते बसों को इस मार्ग पर चलाना मुश्किल है।
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आंदोलनकारियों द्वारा सभी मार्ग खाली करने की सूचना जरूर है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अभी तक को लिखित में प्रशासन की ओर से नहीं मिला है। जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाएगी, ट्रेन चलाना संभव नहीं है। ट्रेन संचालन ठप होने के चलते अब तक रेवाड़ी जंक्शन को एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
-धूसिया, एसएस, रेवाड़ी जंक्शन
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जिला प्रशासन की लिखित सुरक्षा की गांरटी के बाद ही रेलवे विभाग ट्रेन को संचालित करेगा। इधर, सोमवार को जाटों द्वारा ट्रेक खाली करने की उम्मीद के बाद जंक्शन पर पहुंचे यात्री पूरे दिन इधर उधर भटकते रहे। इधर रेलवे को इनपुट मिला है कि रेल चलाने के बाद उपद्रवी एक बार फिर से ट्रेक पर आ सकते हैं।
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प्रशासन की सुरक्षा की गारंटी के बाद ही रेलवे चलाएगा ट्रेन
राणौली को छोड़कर सभी मार्गों पर से जाट पूर्व में ही हट गए थे। सोमवार देर रात रेवाड़ी-जयपुर मार्ग पर भी राणौली से जाट हटने के बाद क्लियर हो गया था। इसके बाद सोमवार को रेलऌवे ने रेलवे अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ रेवाड़ी-दिल्ली एवं नारनौल ट्रेक पर इंजन चलाकर ट्रॉयल किया था।
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लेकिन बावजूद इसके मंगलवार को भी ट्रेन नहीं चलाई जा सकी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर रेल की सुरक्षा की गांरटी उनकी होती है, लेकिन दो रेलवे स्टेशन के बीच सुरक्षा की जिम्मेदारी सिविल प्रशासन की होती है। सिविल प्रशासन को लाइनों के क्लियर होने की बात तो कह रहा है,लेकिन लिखित में सुरक्षा की गांरटी देने को तैयार नही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो इनपुट मिले हैं कि उपद्रवी एक बार फिर से रेलवे ट्रैक पर आ सकते हैं, इसलिए सुरक्षा की गारंटी के बिना ट्रेन नहीं चलाई जा सकती है।
रेवाड़ी जंक्शन का अब तक एक करोड़ का नुकसान
जाट आंदोलन के हिंसक होने के बाद रेवाड़ी से गुजरने वाली सभी छह लाइनें पूरी तरह ठप हो गई थी। इसी के चलते रेवाड़ी जंक्शन को मंगलवार तक एक करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है। बता दें कि रेवाड़ी जंक्शन पर प्रतिदिन यात्रियों से 25 लाख से ज्यादा की कमाई होती है। वहीं रेवाड़ी-रोहतक एवं रेवाड़ी-हिसार लाइन 14 फरवरी से ही बाधित चल रहा है। ट्रेन सेवाओं के ठप होने का असर रेलवे पर ही नहीं रेवाड़ी में अन्य कारोबार में लगे हजारों लोगों पर भी पड़ा है।
ऑटो चालकों को चार दिनों में बीस लाख का नुकसान
जिले में शनिवार से रेलवे वहीं वहीं शनिवार एवं रविवार को सड़क यातायात पूरी तरह से ठप होने के बाद शहर के हजारों ऑटों चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने के साथ ही, शहर में चलनें वाले पांच सौ ज्यादा ऑटो वालों के को बीस लाख से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। गौरतलब है कि शहर में पांच सौ से ज्यादा ऑटो चलते है,जो अधिकतर केवल रेलवे सवारियों पर ही निर्भर हैं। एक ऑटो चालक को दिन में मालिक को ऑटो का किराया 350 प्रतिदिन देना होता है। लेकिन अब यात्री नहीं होने के चलते उन्हें केवल 50-100 रुपये ही कमा पाते हैं। इस हिसाब से कमाई ठप होने के साथ-साथ ऑटो चालको प्रतिदिन 350 रुपये भी देने पड़ रहे हैं। इधर जाट आंदोलन के कारण रिक्शा स्टैंड सूना रहने के कारण ये भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राहक ही नहीं हैं तो दुकान खोलने का क्या फायदा
रेलवे जंक्शन का सुनापन परिसर के बाहर भी साफ दिख रहा है, ग्राहक नहीं होने के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद कर रखी है। रेलवे स्टेशन के बाहर बंद पड़ी दुकाने जाट आंदोलन के असर की कहानी बयां करने के लिए काफी है। दुकानदारों का कहना है कि इक्का-दुक्का ग्राहक भी नहीं है तो दुकाने खोलने का क्या फायदा। इधर यही हाल रोडवेज बस स्टैंड के बाहर का है। दुकानदारों का कहना है कि जाट आरक्षण के चलते लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं, ग्राहकी तो दूर की बात है।
सुरक्षा की दृष्ठि से रेलवे ने बुलाया अतिरिक्त पुलिस फोर्स
रोहतक-झज्जर में हिंसक घटनाएं नहीं काबू होने के बाद रेवाड़ी रेलवे प्रशासन की ओर से जंक्शन पर रेलवे स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स एवं आरपीएफ की दो टुकड़ियों ने डेरा डाल लिया है। रेलवे प्रशासन को मिले इनपुट के आधार पर उपद्रवी अभी भी रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं,इसलिए एहतिहात के तौर पर दो टुकडिय़ों को बुलाया गया है।
मंगलवार को भी नहीं चल सकी रेवाड़ी-रोहतक मार्ग पर बस
12 फरवरी से बंद पड़ा रेवाड़ी-रोहतक मार्ग पर मंगलवार को भी बसे नहीं चल पाई। स्टेशन सुपरवाइजर देवेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि हाइवे पर खड्डे खुदे हुए हैं तथा झज्जर एवं रोहतक में हालात अभी भी सामान्य नहीं है। यात्रियों एवं रोडवेज संपत्ति की सुरक्षा के मद्देनजर जब तक हालात सामान्य नहीं होते बसों को इस मार्ग पर चलाना मुश्किल है।
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आंदोलनकारियों द्वारा सभी मार्ग खाली करने की सूचना जरूर है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अभी तक को लिखित में प्रशासन की ओर से नहीं मिला है। जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाएगी, ट्रेन चलाना संभव नहीं है। ट्रेन संचालन ठप होने के चलते अब तक रेवाड़ी जंक्शन को एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
-धूसिया, एसएस, रेवाड़ी जंक्शन