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रफ्तार ने लील ली तीन परिवारों के इकलौतों की जान
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मोटरसाइकिल पर मस्ती के मूड में निकले युवाओं में से तीन की शुक्रवार को शहर के राजेश पायलट चौक पर दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तारी का शौक कितना जानलेवा हो सकता है, यह बात इस हादसे ने फिर साबित कर दी। इस हादसे में मरने वाले तीनों युवक अपने-अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे।
हादसे की सूचना से इन परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। इस हादसे में दो अन्य युवक भी घायल हैं जिनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। ये सभी अपने घरों से खुशी - खुशी निकले थे मगर शाम ढलते - ढलते तीन मौत की नींद सो गए। घर पर मां-बाप इनका इंतजार करते रहे, उनको क्या पता था कि अब वे कभी लौट कर नहीं आएंगे। तेज रफ्तारी ने इस हादसे को जन्म दिया। जिले में इस वजह से सैकड़ों जिंदगियां हर साल जाती हैं।
मरने वालों में साहिल, कौशल व अजीत शामिल
दो बाइकों पर गांव भाड़ावास का कौशल, जो नगर के एक कॉलेज का छात्र बताया गया है। वह अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। करीब डेढ़ साल पहले उसी शादी हुई थी और उसकी पत्नी अब गर्भ से है। कौशल फाइनेंस का काम करता था। उधर, दूसरा मृतक गांव भालखी माजरा का हरीश दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसका रिश्ता नारनौल के पास एक गांव में तय हुआ था मगर उसकी शादी अभी नहीं हुई थी। हरीश के पिता पत्थर काटने की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। पता चला है कि हरीश बीए करने के बाद एक निजी बैंक के ऋण प्रकोष्ठ में अपनी सेवाएं दे रहा था। उस पर अपने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। तीसरा मृतक गांव टींट निवासी साहिल उर्फ गोनू बारहवीं पास है। उसकी मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद काफी ग्रामीण ट्रामा सेंटर पहुंचे। साहिल भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार में उससे बड़ी एक बहन है, जो शादीशुदा है।
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हादसे की सूचना से इन परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। इस हादसे में दो अन्य युवक भी घायल हैं जिनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। ये सभी अपने घरों से खुशी - खुशी निकले थे मगर शाम ढलते - ढलते तीन मौत की नींद सो गए। घर पर मां-बाप इनका इंतजार करते रहे, उनको क्या पता था कि अब वे कभी लौट कर नहीं आएंगे। तेज रफ्तारी ने इस हादसे को जन्म दिया। जिले में इस वजह से सैकड़ों जिंदगियां हर साल जाती हैं।
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मरने वालों में साहिल, कौशल व अजीत शामिल
दो बाइकों पर गांव भाड़ावास का कौशल, जो नगर के एक कॉलेज का छात्र बताया गया है। वह अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। करीब डेढ़ साल पहले उसी शादी हुई थी और उसकी पत्नी अब गर्भ से है। कौशल फाइनेंस का काम करता था। उधर, दूसरा मृतक गांव भालखी माजरा का हरीश दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसका रिश्ता नारनौल के पास एक गांव में तय हुआ था मगर उसकी शादी अभी नहीं हुई थी। हरीश के पिता पत्थर काटने की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। पता चला है कि हरीश बीए करने के बाद एक निजी बैंक के ऋण प्रकोष्ठ में अपनी सेवाएं दे रहा था। उस पर अपने परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। तीसरा मृतक गांव टींट निवासी साहिल उर्फ गोनू बारहवीं पास है। उसकी मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद काफी ग्रामीण ट्रामा सेंटर पहुंचे। साहिल भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार में उससे बड़ी एक बहन है, जो शादीशुदा है।
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