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Rewari News: प्रोफेसर महावीर सिंह की किताब रेवाड़ी का वास्तविक इतिहास मिलेगी निशुल्क
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स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को पुस्तक भेंट करते प्रोफेसर महावीर सिंह यादव। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। गोकलगढ़ निवासी इतिहासकार एवं समाजसेवी प्रोफेसर महावीर सिंह यादव ने रेवाड़ी का वास्तविक इतिहास नामक एक पुस्तक का लेखन किया है जो सभी के लिए निशुल्क रहेगी।
उनका मानना है कि इस पुस्तक को पढ़ने वाला व्यक्ति केवल ऐतिहासिक तथ्यों से परिचित ही नहीं होगा बल्कि उसके भीतर राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति समर्पण की भावना भी प्रबल होगी।
इस पुस्तक में रेवाड़ी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और वीर गाथाओं का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। प्रो. यादव ने अपने शोध और अध्ययन के आधार पर उन महापुरुषों और योद्धाओं का वर्णन किया है जिन्होंने विभिन्न कालखंडों में इस धरती की शान को बढ़ाया।
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पुस्तक में चौधरी नंदराम राव, बालकिशन राव, राजा गुजरमल, राजा राव भवानी सिंह, राजा तुलसीराम, अहीर राजा मित्र सेन और सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य जैसे महान व्यक्तित्वों का विस्तृत जीवनवृत्त और उनके योगदान का विवरण दर्ज किया गया है। इन योद्धाओं की शौर्यगाथाएं न केवल रेवाड़ी बल्कि पूरे देश के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा हैं।
प्रोफेसर महावीर सिंह यादव ने इस पुस्तक की प्रति परिवार पहचान प्राधिकरण, हरियाणा के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को उनके कार्यालय में भेंट की। इस अवसर पर प्रो. यादव ने कहा कि रेवाड़ी की धरती हमेशा से वीरों और बलिदानियों की जन्मभूमि रही है। इस पुस्तक को लिखकर उस इतिहास को सहेजने का प्रयास किया है जिसे नई पीढ़ी को अवश्य जानना चाहिए।
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उनका मानना है कि इस पुस्तक को पढ़ने वाला व्यक्ति केवल ऐतिहासिक तथ्यों से परिचित ही नहीं होगा बल्कि उसके भीतर राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति समर्पण की भावना भी प्रबल होगी।
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इस पुस्तक में रेवाड़ी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और वीर गाथाओं का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। प्रो. यादव ने अपने शोध और अध्ययन के आधार पर उन महापुरुषों और योद्धाओं का वर्णन किया है जिन्होंने विभिन्न कालखंडों में इस धरती की शान को बढ़ाया।
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पुस्तक में चौधरी नंदराम राव, बालकिशन राव, राजा गुजरमल, राजा राव भवानी सिंह, राजा तुलसीराम, अहीर राजा मित्र सेन और सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य जैसे महान व्यक्तित्वों का विस्तृत जीवनवृत्त और उनके योगदान का विवरण दर्ज किया गया है। इन योद्धाओं की शौर्यगाथाएं न केवल रेवाड़ी बल्कि पूरे देश के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा हैं।
प्रोफेसर महावीर सिंह यादव ने इस पुस्तक की प्रति परिवार पहचान प्राधिकरण, हरियाणा के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को उनके कार्यालय में भेंट की। इस अवसर पर प्रो. यादव ने कहा कि रेवाड़ी की धरती हमेशा से वीरों और बलिदानियों की जन्मभूमि रही है। इस पुस्तक को लिखकर उस इतिहास को सहेजने का प्रयास किया है जिसे नई पीढ़ी को अवश्य जानना चाहिए।