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रेवाड़ी, बावल और कोसली मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद की तैयारियां शुरू
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अनाज मंडी में लगी सरसों की ढेरी।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। जिले में एक अप्रैल से प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद का कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए रेवाड़ी में भी मार्केट कमेटी की ओर से जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं। सरकार की ओर से इस संबंध में जरूरी आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बार भी जिले की तीन अनाज मंडियों क्रमश: रेवाड़ी, बावल और कोसली में गेहूं खरीदने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। वहीं, मार्केट कमेटी की ओर से चालू सीजन के दौरान किसानों एवं मजदूरों के हितार्थ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उनको चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
उधर रेवाड़ी की मंडी में सरसों की आवक में बीते दो दिनों में कुछ कमी आई है, जिसके पीछे किसानों की ओर से कम फसल मंडी में आना बताया जा रहा है। पता यह भी लगा है कि किसानों को पिछली बार सरसों का भाव 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिला और अब मंडी में 6910 रुपये प्रति क्विंटल सरसों व्यापारियों की ओर से खरीदी जा चुकी है।
उधर 21 अप्रैल से सरकार की ओर से हैफेड ने निर्धारित एमएसपी पर सरसों की खरीद के लिए हाथ - पांव मारना शुरू कर दिए हैं। हालांकि व्यापारियों का भाव, निर्धारित एमएसपी 5050 रुपये प्रति क्विंटल है, अधिक मिल रहा है। ऐसे में हैफेड के पास किसान सरसों नहीं बेच रहे।
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अगर बात गेहूं खरीद की करें तो अभी गेहूं की कटाई शुरू होने में करीब सप्ताह भर का समय लग सकता है और उसके बाद नए गेहूं की मंडी में आवक शुरू होगी। मार्च के अंत में आवक आने से गेहूं के भाव में तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह इस बार गेहूं की खेती पिछले साल के तुलना में कम रकबे में किया जाना है। खराब मौसम का असर भी गेहूं के प्रति एकड़ उत्पादन पर नजर आएगा। गेहूं फसल की अच्छी फसल को लेकर किसान आशान्वित तो है लेकिन फसल कटाई और उसके सही सलामत घर तक पहुंचने और व्यापारी को बेच देने तक उसकी चिंता लगातार बरकरार रहती है। सरकार ने पहली अप्रैल से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में इस काम में हैफेड और हरियाणा खाद्य भंडारण निगम की अहम भूमिका होगी।
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कोसली मंडी में भी रेवाड़ी मंडी वाली व्यवस्था लागू होगी
- सरकार के फैसले के मुताबिक पूरे सप्ताह गेहूं की सरकारी खरीद कराने के लिए जरूरी प्रबंध किए हैं। जिले की बावल मंडी में सभी दिन हरियाणा राज्य भंडारण निगम गेहूं खरीद करेगा। रेवाड़ी की मंडी में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को हैफेड, जबकि मंगलवार, वीरवार और शनिवार को भंडारण निगम गेहूं खरीदेगा। उधर, कोसली मंडी में भी रेवाड़ी मंडी वाली व्यवस्था लागू होगी और वहां हैफेड और भंडारण निगम ही गेहूं की सरकारी खरीद करेंगे।
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गत वर्ष जिले में सरसों और गेहूं खरीद
- पिछले वर्ष सवा पांच लाख क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद हुई, जबकि करीब सवा तीन लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
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किसान - मजदूरों के लिए जरूरी प्रबंध किए
- मार्केट कमेटी के अधिकारियों की माने तो जिले की अनाज मंडियों में किसानों और मजदूरों के हितार्थ जरूरी प्रबंध किए गए हैं। पेयजल के लिए 8 वाटर कूूलर लगवाए हैं। दिन में दो बार मंडी की सफाई कराई जा रही है। किसानों के लिए बैठने, आराम करने तथा सोने के लिए स्थानीय किसान भवन में व्यवस्था की गई है। मजदूर समय पर खाना खाएं, इसलिए कैंटीन चलाई जा रही है और मंडी के पास ही चार शौचालय और मूत्रालय उपलब्ध हैं।
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कोट
सरकार की ओर से गेहूं की सरकारी खरीद के आदेश आ गए हैं। निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदा जाएगा। हैफेड और वेयर हाउस की ओर से खरीद होनी है। दिन भी निर्धारित कर दी गई हैं।
-नरेंद्र यादव, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।
गेहूं खरीदने के आदेश आ गए हैं। हमने सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद की तैयारियां कर ली हैं। गेहूं के लिए हमारे पास साढ़े 6 लाख बारदाना उपलब्ध है। सरकार के सरसों और गेहूं के निर्धारित एमएसपी क्रमश: 5050 और 2015 रुपये प्रति क्विंटल से खुले बाजार में कम भाव आने पर हैफेड और वेयर हाउसिंग कारपोरेशन एमएसपी पर इन फसलों की खरीद करेंगे।
- संतराम, जिला प्रबंधक हैफेड
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उधर रेवाड़ी की मंडी में सरसों की आवक में बीते दो दिनों में कुछ कमी आई है, जिसके पीछे किसानों की ओर से कम फसल मंडी में आना बताया जा रहा है। पता यह भी लगा है कि किसानों को पिछली बार सरसों का भाव 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिला और अब मंडी में 6910 रुपये प्रति क्विंटल सरसों व्यापारियों की ओर से खरीदी जा चुकी है।
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उधर 21 अप्रैल से सरकार की ओर से हैफेड ने निर्धारित एमएसपी पर सरसों की खरीद के लिए हाथ - पांव मारना शुरू कर दिए हैं। हालांकि व्यापारियों का भाव, निर्धारित एमएसपी 5050 रुपये प्रति क्विंटल है, अधिक मिल रहा है। ऐसे में हैफेड के पास किसान सरसों नहीं बेच रहे।
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अगर बात गेहूं खरीद की करें तो अभी गेहूं की कटाई शुरू होने में करीब सप्ताह भर का समय लग सकता है और उसके बाद नए गेहूं की मंडी में आवक शुरू होगी। मार्च के अंत में आवक आने से गेहूं के भाव में तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह इस बार गेहूं की खेती पिछले साल के तुलना में कम रकबे में किया जाना है। खराब मौसम का असर भी गेहूं के प्रति एकड़ उत्पादन पर नजर आएगा। गेहूं फसल की अच्छी फसल को लेकर किसान आशान्वित तो है लेकिन फसल कटाई और उसके सही सलामत घर तक पहुंचने और व्यापारी को बेच देने तक उसकी चिंता लगातार बरकरार रहती है। सरकार ने पहली अप्रैल से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में इस काम में हैफेड और हरियाणा खाद्य भंडारण निगम की अहम भूमिका होगी।
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कोसली मंडी में भी रेवाड़ी मंडी वाली व्यवस्था लागू होगी
- सरकार के फैसले के मुताबिक पूरे सप्ताह गेहूं की सरकारी खरीद कराने के लिए जरूरी प्रबंध किए हैं। जिले की बावल मंडी में सभी दिन हरियाणा राज्य भंडारण निगम गेहूं खरीद करेगा। रेवाड़ी की मंडी में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को हैफेड, जबकि मंगलवार, वीरवार और शनिवार को भंडारण निगम गेहूं खरीदेगा। उधर, कोसली मंडी में भी रेवाड़ी मंडी वाली व्यवस्था लागू होगी और वहां हैफेड और भंडारण निगम ही गेहूं की सरकारी खरीद करेंगे।
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गत वर्ष जिले में सरसों और गेहूं खरीद
- पिछले वर्ष सवा पांच लाख क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद हुई, जबकि करीब सवा तीन लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
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किसान - मजदूरों के लिए जरूरी प्रबंध किए
- मार्केट कमेटी के अधिकारियों की माने तो जिले की अनाज मंडियों में किसानों और मजदूरों के हितार्थ जरूरी प्रबंध किए गए हैं। पेयजल के लिए 8 वाटर कूूलर लगवाए हैं। दिन में दो बार मंडी की सफाई कराई जा रही है। किसानों के लिए बैठने, आराम करने तथा सोने के लिए स्थानीय किसान भवन में व्यवस्था की गई है। मजदूर समय पर खाना खाएं, इसलिए कैंटीन चलाई जा रही है और मंडी के पास ही चार शौचालय और मूत्रालय उपलब्ध हैं।
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कोट
सरकार की ओर से गेहूं की सरकारी खरीद के आदेश आ गए हैं। निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदा जाएगा। हैफेड और वेयर हाउस की ओर से खरीद होनी है। दिन भी निर्धारित कर दी गई हैं।
-नरेंद्र यादव, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।
गेहूं खरीदने के आदेश आ गए हैं। हमने सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद की तैयारियां कर ली हैं। गेहूं के लिए हमारे पास साढ़े 6 लाख बारदाना उपलब्ध है। सरकार के सरसों और गेहूं के निर्धारित एमएसपी क्रमश: 5050 और 2015 रुपये प्रति क्विंटल से खुले बाजार में कम भाव आने पर हैफेड और वेयर हाउसिंग कारपोरेशन एमएसपी पर इन फसलों की खरीद करेंगे।
- संतराम, जिला प्रबंधक हैफेड