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सर्वांगीण विकास के लिए व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा जरूरी : विजय कुमार
Sat, 22 Nov 2025 01:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 22 Nov 2025 01:53 AM IST
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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसली में अध्यापकों को संबोधित करते एसडीएम विजय कुमार याद
कोसली। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कोसली उपमंडल के पीजीटी व टीजीटी शिक्षकों की बैठक को एसडीएम विजय कुमार यादव ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि एक माह के दौरान राजकीय विद्यालयों के किए गए निरीक्षण और विद्यार्थियों के साथ की गई बातचीत से कुछ नए तथ्य उभर कर सामने आए हैं। पहली बात यह है कि राजकीय विद्यालयों में नौवीं, दसवीं और 11वीं, 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कक्षा में पाठ्यक्रम से संबंधित व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा दी जानी चाहिए। इसके लिए अध्यापकों को खुद भी अपने विषय की नवीनतम जानकारियां होनी जरूरी है।
कक्षा में पढ़ाने से पहले अध्यापक स्वयं विषयवस्तु को अच्छी तरह से पढ़कर आएं। यही नहीं किसी सब्जेक्ट में कोई नई खोज हुई है या कुछ नए बिंदु सामने आए हैं तो उनके बारे में भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जाना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि विद्यार्थी केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकों तक ही सीमित न रहें, उनको अपने विषयों का वृहद ज्ञान होना चाहिए।
बच्चों को सुबह की असेंबली क्लास में दुनिया के करंट अफेयर्स के बारे में बताया जाए। गांवों में नई लाइब्रेरी खुले, जहां विद्यार्थी बैठकर अखबार व ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ सकें।
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उन्होंने कहा कि एक माह के दौरान राजकीय विद्यालयों के किए गए निरीक्षण और विद्यार्थियों के साथ की गई बातचीत से कुछ नए तथ्य उभर कर सामने आए हैं। पहली बात यह है कि राजकीय विद्यालयों में नौवीं, दसवीं और 11वीं, 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कक्षा में पाठ्यक्रम से संबंधित व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षा दी जानी चाहिए। इसके लिए अध्यापकों को खुद भी अपने विषय की नवीनतम जानकारियां होनी जरूरी है।
कक्षा में पढ़ाने से पहले अध्यापक स्वयं विषयवस्तु को अच्छी तरह से पढ़कर आएं। यही नहीं किसी सब्जेक्ट में कोई नई खोज हुई है या कुछ नए बिंदु सामने आए हैं तो उनके बारे में भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जाना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि विद्यार्थी केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकों तक ही सीमित न रहें, उनको अपने विषयों का वृहद ज्ञान होना चाहिए।
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बच्चों को सुबह की असेंबली क्लास में दुनिया के करंट अफेयर्स के बारे में बताया जाए। गांवों में नई लाइब्रेरी खुले, जहां विद्यार्थी बैठकर अखबार व ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ सकें।
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