फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   POS machines are not working properly, causing problems for consumers.

Rewari News: पीओएस मशीनें ठीक से नहीं कर रहीं काम, उपभोक्ता परेेशान

Tue, 04 Nov 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 04 Nov 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
POS machines are not working properly, causing problems for consumers.
रेवाड़ी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से हाल ही में पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है ताकि राशन वितरण प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जा सके। अब यह नई व्यवस्था डिपो होल्डरों और राशन कार्ड धारकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
विज्ञापन

सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद अब प्रत्येक राशन कार्डधारक को गेहूं, तेल और चीनी लेने के लिए अलग-अलग बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट देना पड़ रहा है। पहले जहां एक बार फिंगरप्रिंट लगाने से काम पूरा हो जाता था, वहीं अब तीन बार फिंगरप्रिंट लगाना पड़ रहा है। इससे एक व्यक्ति को राशन प्राप्त करने में पहले की तुलना में तीन गुना अधिक समय लग रहा है।
विज्ञापन

पहले जहां एक कार्डधारक की प्रक्रिया में करीब पांच मिनट लगते थे, वहीं अब 10 से 15 मिनट तक समय लग रहा है। फिंगरप्रिंट मिसमैच या नेटवर्क समस्या होने पर यह समय और बढ़ जाता है। इसके साथ ही जिले में अधिकतर पीओएस मशीनें अभी भी 2जी नेटवर्क पर चल रही हैं, जिससे प्रक्रिया और धीमी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में कुल 253 राशन डिपो हैं, जिनके माध्यम से 1.31 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) परिवारों को हर माह राशन वितरित किया जाता है। बीपीएल कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम गेहूं, 1 किलोग्राम चीनी और 2 किलोग्राम सरसों का तेल दिया जाता है।
वहीं, एएवाई कार्ड पर 35 किलोग्राम गेहूं, 1 किलोग्राम चीनी और 2 किलोग्राम सरसों का तेल मिलता है। सर्दी के मौसम में बीपीएल कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति 3 से 5 किलोग्राम गेहूं दिया जाता है, जबकि एएवाई कार्ड धारकों को 24 किलोग्राम बाजरा और 11 किलोग्राम गेहूं वितरित किया जाता है।
डिपो होल्डरों का कहना है कि नई तकनीक से पारदर्शिता तो बढ़ी है, लेकिन मशीनों की धीमी स्पीड और बार-बार फिंगरप्रिंट देने की बाध्यता से वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। विभाग से मांग की जा रही है कि या तो मशीनों को अपग्रेड किया जाए या सॉफ्टवेयर में सुधार लाकर इस दिक्कत को दूर किया जाए।

-
वर्जन
मशीनों की धीमी गति को लेकर मामला मुख्यालय के संज्ञान में है। इस पर काम चल रहा है, जल्द समाधान होने की उम्मीद है। - जयकुमार, सहायक खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed