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गरीब भी परिजनों को नहीं भेजता सरकारी अस्पताल
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 02 May 2016 12:44 AM IST
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सरकारी अस्पताल महज रेफर अस्पताल ही बनकर रह गए
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पिछली सरकारों ने यह हाल कर दिया है कि कोई गरीब न तो सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना चाहता है और न ही अपने परिजनों का सरकारी अस्पताल में इलाज ही करवाना चाहता है। ये विचार राज्य सरकार में भाजपा के दबंग मंत्री की छवि रखने वाले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने रेवाड़ी के कोसली में यह बात एक गैर सरकारी कार्यक्रम में शिरकत के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कई जिलों के सरकारी अस्पताल महज रेफर अस्पताल ही बनकर रह गए। अब ऐसा नहीं होगा। जिले में पिछले डेढ़ साल में ओपीडी 15 प्रतिशत बढ़ी है। इससे साफ है कि भाजपा ने जनता का विश्वास हासिल किया है। वहीं अब जल्द ही प्रदेश के हर नागरिक अस्पताल में एमआरआई के साथ ही डायलिसिस की सुविधा भी होगी। इसके लिए 14 जिलों में काम की शुरूआत भी हो चुकी है और जल्द ही सभी जिलों में यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने राज्य के सभी जिलों में आयुर्वेदिक पद्धति वाले पंचकर्मा सेंटर भी जल्द खोलने की बात कही।
माना कमी, कोशिश गरीब का बच्चा भी बने डॉक्टर
एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि प्रदेश ही नहीं देश भर में डॉक्टर्स और संसाधनों की कमी है। डॉक्टर्स की कमी के लिए उन्होंने सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों की कमी को कारण बताया। उन्होंने कहा कि सिरसा में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख से बात की, जिसके बाद वहां एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा। इसके लिए एक-दो दिन में मंत्रालय की ओर से अनुमति भी दी जाएगी। इसके अलावा राज्य में कुछ और जगह सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी की जा रही है। जिससे गरीब का बच्चा भी डॉक्टर बन सके।
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64 करोड़ रुपये से आएंगी प्रदेश के अस्पतालों के लिए जरूरी मशीनें
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में मेडिकल इक्वीपमेंट और अन्य संसाधनों की कमी को भी सही बताया। साथ ही कहा कि कई सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टर्स के पास स्टेथस्कोप और बीपी नापने की मशीन है। ऐसे में इलाज कहां से होगा। फिर कुछ हो जाए तो लोग जिंदाबाद, मुर्दाबाद करेंगे। कहा कि उन्होंने राज्य के सभी सीएमओ से सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी आदि में जरूरी संसाधनों की लिस्ट मांगी है। 64 करोड़ रुपये इन जरूरी संसाधनों की खरीद के लिए फौरी तौर पर खर्च किये जाएंगे।
हॉस्पिटल होंगे ऑनलाइन, बायोमैट्रिक होगी एंट्री
उन्होंने कहा कि विदेशों की तर्ज पर अब हरियाणा में भी राज्य के सभी अस्पतालों को ऑनलाइन करने को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे कोई कहीं भी इलाज कराने के बाद अपना इलाज कहीं भी सुविधानुसार करा सकेगा। वहीं सारी जानकारी ऑनलाइन होने के चलते नए डॉक्टर को कोई परेशानी भी नहीं होगी। वहीं सरकारी डॉक्टर्स की रिमोट एरिया में अनुपस्थिति पर कहा कि पीएचसी तक में बायोमैट्रिक सिस्टम हाजिरी के लिए होगा। वहीं रिमोट एरिया में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर्स के लिए एक्सट्रा बेनिफिट का भी प्लान भी बनाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि कई जिलों के सरकारी अस्पताल महज रेफर अस्पताल ही बनकर रह गए। अब ऐसा नहीं होगा। जिले में पिछले डेढ़ साल में ओपीडी 15 प्रतिशत बढ़ी है। इससे साफ है कि भाजपा ने जनता का विश्वास हासिल किया है। वहीं अब जल्द ही प्रदेश के हर नागरिक अस्पताल में एमआरआई के साथ ही डायलिसिस की सुविधा भी होगी। इसके लिए 14 जिलों में काम की शुरूआत भी हो चुकी है और जल्द ही सभी जिलों में यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने राज्य के सभी जिलों में आयुर्वेदिक पद्धति वाले पंचकर्मा सेंटर भी जल्द खोलने की बात कही।
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माना कमी, कोशिश गरीब का बच्चा भी बने डॉक्टर
एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि प्रदेश ही नहीं देश भर में डॉक्टर्स और संसाधनों की कमी है। डॉक्टर्स की कमी के लिए उन्होंने सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों की कमी को कारण बताया। उन्होंने कहा कि सिरसा में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख से बात की, जिसके बाद वहां एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा। इसके लिए एक-दो दिन में मंत्रालय की ओर से अनुमति भी दी जाएगी। इसके अलावा राज्य में कुछ और जगह सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी की जा रही है। जिससे गरीब का बच्चा भी डॉक्टर बन सके।
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64 करोड़ रुपये से आएंगी प्रदेश के अस्पतालों के लिए जरूरी मशीनें
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में मेडिकल इक्वीपमेंट और अन्य संसाधनों की कमी को भी सही बताया। साथ ही कहा कि कई सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टर्स के पास स्टेथस्कोप और बीपी नापने की मशीन है। ऐसे में इलाज कहां से होगा। फिर कुछ हो जाए तो लोग जिंदाबाद, मुर्दाबाद करेंगे। कहा कि उन्होंने राज्य के सभी सीएमओ से सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी आदि में जरूरी संसाधनों की लिस्ट मांगी है। 64 करोड़ रुपये इन जरूरी संसाधनों की खरीद के लिए फौरी तौर पर खर्च किये जाएंगे।
हॉस्पिटल होंगे ऑनलाइन, बायोमैट्रिक होगी एंट्री
उन्होंने कहा कि विदेशों की तर्ज पर अब हरियाणा में भी राज्य के सभी अस्पतालों को ऑनलाइन करने को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे कोई कहीं भी इलाज कराने के बाद अपना इलाज कहीं भी सुविधानुसार करा सकेगा। वहीं सारी जानकारी ऑनलाइन होने के चलते नए डॉक्टर को कोई परेशानी भी नहीं होगी। वहीं सरकारी डॉक्टर्स की रिमोट एरिया में अनुपस्थिति पर कहा कि पीएचसी तक में बायोमैट्रिक सिस्टम हाजिरी के लिए होगा। वहीं रिमोट एरिया में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर्स के लिए एक्सट्रा बेनिफिट का भी प्लान भी बनाया जा रहा है।