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शिकायत करने वाले को ही उठा लाई पुलिस, एसपी को दी शिकायत
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रेवाड़ी। होली पर हुड़दंग करने वालों पर सख्ती का दावा करने वाली पुलिस शिकायत करने वाले पूर्व सैनिक को ही उठा ले गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने वायुसेना के पूर्व जवान को न केवल अपमानित किया, बल्कि अवैध रूप से हिरासत में भी रखा। पूर्व सैनिक ने पुलिसकर्मियों द्वारा दी गई प्रताड़ना की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरदस्ती हस्ताक्षर कराए, तब जाकर अगले दिन सुबह उनको थाने से छोड़ा। पीड़ित ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर अपना मेडिकल कराया है।
शिकायत में गांव मोहनपुर निवासी बलराम यादव ने कहा है कि वह वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में गुरुग्राम में रहते हैं। होली पर्व पर वह गांव में अपने माता-पिता के पास आए हुए थे। उनके घर के निकट रात 11 बजे तक कुछ युवक तेज संगीत बजा कर हुड़दंग कर रहे थे। बलराम ने युवकों द्वारा किए जा रहे हुड़दंग की शिकायत बावल थाना में की, लेकिन मदद के बजाय डायल-112 पर सूचना देने के लिए कहा। डायल-112 पर सूचना देने के बाद तीन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ी को देख कर हुड़दंग कर रहे युवक वहां से भाग गए। पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता बलराम को घर से बाहर बुलाया और उन्हें ही जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। बलराम के अनुसार तीनों ही पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। गाड़ी में बैठाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट व गाली-गलौज शुरू कर दी। तीनों उन्हें बावल थाना में ले गए और रात भर लॉकअप में बंद रखा। रात भर उन्हें शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे एक पुलिसकर्मी ने धमकाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। थाने में पहुंचे उनके एक साथी हेमंत से भी जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिए और इसके बाद ही थाने से बाहर आने दिया।
थाने से छूटने के बाद कराया मेडिकल
थाने से छूटने के बाद पीड़ित बलराम यादव सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचे और मेडिकल कराया। बलराम का कहना है कि पुलिस उनपर ही शराब पीकर फोन करने का आरोप लगा रही है, इसलिए उन्होंने अपना मेडिकल उसी समय करा लिया था। उन्होंने ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को भी शिकायत देकर मामले की जांच कराने व आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। बावल थाना एसएचओ शाहीद अहमद ने सभी आरोप गलत बताए हैं। उन्होंने कहा कि थाने में ऐसा कोई मामला नहीं आया।
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शिकायत में गांव मोहनपुर निवासी बलराम यादव ने कहा है कि वह वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में गुरुग्राम में रहते हैं। होली पर्व पर वह गांव में अपने माता-पिता के पास आए हुए थे। उनके घर के निकट रात 11 बजे तक कुछ युवक तेज संगीत बजा कर हुड़दंग कर रहे थे। बलराम ने युवकों द्वारा किए जा रहे हुड़दंग की शिकायत बावल थाना में की, लेकिन मदद के बजाय डायल-112 पर सूचना देने के लिए कहा। डायल-112 पर सूचना देने के बाद तीन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ी को देख कर हुड़दंग कर रहे युवक वहां से भाग गए। पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता बलराम को घर से बाहर बुलाया और उन्हें ही जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। बलराम के अनुसार तीनों ही पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। गाड़ी में बैठाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट व गाली-गलौज शुरू कर दी। तीनों उन्हें बावल थाना में ले गए और रात भर लॉकअप में बंद रखा। रात भर उन्हें शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे एक पुलिसकर्मी ने धमकाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। थाने में पहुंचे उनके एक साथी हेमंत से भी जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिए और इसके बाद ही थाने से बाहर आने दिया।
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थाने से छूटने के बाद कराया मेडिकल
थाने से छूटने के बाद पीड़ित बलराम यादव सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचे और मेडिकल कराया। बलराम का कहना है कि पुलिस उनपर ही शराब पीकर फोन करने का आरोप लगा रही है, इसलिए उन्होंने अपना मेडिकल उसी समय करा लिया था। उन्होंने ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को भी शिकायत देकर मामले की जांच कराने व आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। बावल थाना एसएचओ शाहीद अहमद ने सभी आरोप गलत बताए हैं। उन्होंने कहा कि थाने में ऐसा कोई मामला नहीं आया।
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