{"_id":"5d3b4aec8ebc3e6c97361bef","slug":"poets-salute-martys-in-conference-rewari-news-rtk5075526106","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय कवि संगम ने कारगिल के शहीदों को किया नमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय कवि संगम ने कारगिल के शहीदों को किया नमन
विज्ञापन
शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते अधिवक्ता
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय कवि संगम, जिला रेवाड़ी के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कोर्ट परिसर में स्थित विजय स्मारक स्थल पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के अनेक कवियों ने काव्य पाठ कर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी से एडवोकेट कमल निंबल के नेतृत्व में अनेक अधिवक्ताओं ने गोष्ठी में अपने विचार प्रकट कर कारगिल के शहीदों को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित अर्पित किए।
राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष मुकुट अग्रवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के लिये एक महत्वपूर्ण दिवस है। प्रेमपाल अनपढ़ ने एक सैनिक के मन की बात को अपने शब्दों में कुछ इस तरह कहा मां तू काढ दे टीका, लडण बॉर्डर पर जाऊंगा, पिया जो दूध मां तेरा, ना उसनै लजाऊंगा। कवि योगेश हरियाणवी ने अपने ठेठ हरियाणवी अंदाज में कुछ इस तरह भावविभोर किया, जिसकी जुबां पर लैला की जगह नाम रै वतन का होया करै, वो इश्क जबानी
आला यारों, घणा गजब का होया करै।
इस अवसर पर एडवोकेट कुसुमलता, बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरविंद यादव, डॉ आरके जांगड़ा, कवि मनोज कौशिक, एडवोकेट भारती कौशिक, देवेंद्र यादव, प्रवीण कुमार, विपिन राजौरा, अमित चौहान, अमिताभ, विकास यादव, राकेश कुमार, दिनेश कुमार
विज्ञापन
उपस्थित थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष मुकुट अग्रवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के लिये एक महत्वपूर्ण दिवस है। प्रेमपाल अनपढ़ ने एक सैनिक के मन की बात को अपने शब्दों में कुछ इस तरह कहा मां तू काढ दे टीका, लडण बॉर्डर पर जाऊंगा, पिया जो दूध मां तेरा, ना उसनै लजाऊंगा। कवि योगेश हरियाणवी ने अपने ठेठ हरियाणवी अंदाज में कुछ इस तरह भावविभोर किया, जिसकी जुबां पर लैला की जगह नाम रै वतन का होया करै, वो इश्क जबानी
विज्ञापन
आला यारों, घणा गजब का होया करै।
इस अवसर पर एडवोकेट कुसुमलता, बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरविंद यादव, डॉ आरके जांगड़ा, कवि मनोज कौशिक, एडवोकेट भारती कौशिक, देवेंद्र यादव, प्रवीण कुमार, विपिन राजौरा, अमित चौहान, अमिताभ, विकास यादव, राकेश कुमार, दिनेश कुमार
विज्ञापन
उपस्थित थे।