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कोरोना काल में माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आज सहायता देंगे पीएम
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रेवाड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को कोरोना काल में माता-पिता को खोने वाले बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत लाभ एवं सेवाएं प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में सोमवार की सुबह 9.45 बजे से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा। जिले में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल होंगे।
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रेन योजना की शुरुआत कोरोना काल में 29 मई 2021 को की गई थी। इस योजना में रेवाड़ी के दो बच्चे चयनित हैं जो अब सरकार की योजना के तहत अध्ययन कर रहे हैं। कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना, 23 वर्ष की आयु तक वित्तीय सहायता के साथ आत्मनिर्भर बनाना योजना का लक्ष्य है। बताया कि इस योजना में चिह्नित बच्चों की आयु 18 वर्ष होने पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। डाकघर मासिक आय योजना में 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के नाम 10 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है। इसके अलावा बच्चों को 18 वर्ष के बाद से 23 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफा प्राप्त होगा। संबंधित बच्चों को 23 की आयु में 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी।
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शिक्षा पर है योजना का पूरा फोकस:
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना का पूरा फोकस चयनित बच्चों की शिक्षा पर है। जरूरतमंद बच्चों को केंद्रीय विद्यालय, निजी व सरकारी विद्यालयों में भर्ती कराया गया है। ऐसे बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय में 6 सीटें आरक्षित की गई हैं। बच्चों को यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तक और कॉपियां भी मुहैया कराई जाती है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से योजना के तहत कक्षा 1 से 12 तक विद्यालय में जाने वाले बच्चों को 20 हजार रुपये वर्ष की दर से छात्रवृत्ति दी जा रही है। तकनीकी शिक्षा के लिए 50 हजार रुपये वर्ष की दर से छात्रवृत्ति दी जा रही है। तकनीकी संस्थान में दो सीटें अतिरिक्त आरक्षित की गई हैं। यूजीसी को भी ऐसे बच्चों को समायोजित करने के लिए दो अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रेन योजना की शुरुआत कोरोना काल में 29 मई 2021 को की गई थी। इस योजना में रेवाड़ी के दो बच्चे चयनित हैं जो अब सरकार की योजना के तहत अध्ययन कर रहे हैं। कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना, 23 वर्ष की आयु तक वित्तीय सहायता के साथ आत्मनिर्भर बनाना योजना का लक्ष्य है। बताया कि इस योजना में चिह्नित बच्चों की आयु 18 वर्ष होने पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। डाकघर मासिक आय योजना में 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के नाम 10 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है। इसके अलावा बच्चों को 18 वर्ष के बाद से 23 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफा प्राप्त होगा। संबंधित बच्चों को 23 की आयु में 10 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी।
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शिक्षा पर है योजना का पूरा फोकस:
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना का पूरा फोकस चयनित बच्चों की शिक्षा पर है। जरूरतमंद बच्चों को केंद्रीय विद्यालय, निजी व सरकारी विद्यालयों में भर्ती कराया गया है। ऐसे बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय में 6 सीटें आरक्षित की गई हैं। बच्चों को यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तक और कॉपियां भी मुहैया कराई जाती है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से योजना के तहत कक्षा 1 से 12 तक विद्यालय में जाने वाले बच्चों को 20 हजार रुपये वर्ष की दर से छात्रवृत्ति दी जा रही है। तकनीकी शिक्षा के लिए 50 हजार रुपये वर्ष की दर से छात्रवृत्ति दी जा रही है। तकनीकी संस्थान में दो सीटें अतिरिक्त आरक्षित की गई हैं। यूजीसी को भी ऐसे बच्चों को समायोजित करने के लिए दो अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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