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Rewari News: फार्मासिस्टों ने उठाया लंबित मांग पूरी करने का मुद्दा

Tue, 09 Jan 2024 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 09 Jan 2024 11:31 PM IST
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Pharmacists raised the issue of fulfilling pending demands
उप सिविल सर्जन डॉ. राजबीर को ज्ञापन साैंपते गवर्नमेंट फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य। स्रोत: स्व
रेवाड़ी। अपनी मांगों को लेकर फार्मासिस्टों ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के नाम उप सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा। जिले के फार्मासिस्टों ने एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट हरियाणा के जिला प्रधान अनिल कुमार यादव की अध्यक्षता में अपनी मांगें उठाईं।
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उन्होंने कहा कि एसोसिएशन लंबे समय से सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मिलकर फार्मेसी ऑफिसर की लंबित मांगों को लागू करने की मांग कर रही है। 21 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री के साथ शिष्टमंडल की हुई बैठक में फार्मेसी ऑफिसर की मांगों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई थी, लेकिन इन मांगों को पूरा नहीं किया गया। गौरतलब है फार्मेसी ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और डॉक्टर की अनुपस्थिति में संस्था का इंचार्ज होता है। दवा के साथ-साथ जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डिप्टी रजिस्ट्रार होता है। इसके साथ-साथ पोस्टमार्टम ड्यूटी के अलावा बहुत सारे अन्य जिम्मेदारी का निर्वाहन करता है। यह विडंबना है कि लगातार इस वर्ग की अनदेखी कर पीछे धकेला जा रहा है।
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फार्मासिस्टों की मांगें
प्रधान ने बताया कि प्रमोशन चैनल (पीसीआई की तर्ज पर) लागू किया जाए। फार्मासिस्ट को जोखिम भत्ता व मरीज देखभाल भत्ता दिया जाए। फार्मेसी ऑफिसर की वेतन विसंगति दूर करके 4600 जीपी (एफपीएल-7) एवं चीफ फार्मासिस्ट का ग्रेड पे 5400 जीपी (एफपीएल-9) 1 जनवरी 2016 से नोशनली दिया जाए। चूंकि फार्मेसी ऑफिसर की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता ड्रग कंट्रोल अधिकारी के समान है, इसी तर्ज पर फार्मेसी ऑफिसर को ग्रुप-बी राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए। कार्य के लगातार बढ़ रहे बोझ को देखते हुए नए पदों का सृजन किया जाए। प्रधान ने कहा कि एसोसिएशन स्वास्थ्य विभाग से दोबारा मांग करती है कि उनकी लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए। अगर विभाग ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
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