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फार्मासिस्ट रहे हड़ताल पर नर्सों ने बांटी आधी अधूरी दवा, मरीज हुए परेशान

Tue, 27 Aug 2019 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2019 12:12 AM IST
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pharmacists are on strike
नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज। - फोटो : Rewari
फार्मेसिस्ट एसोसिएशन की ओर से प्रदेश भर में की गई हड़ताल का असर रेवाड़ी के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी रहा। कोसली अस्पताल में 300 से अधिक मरीजों को दवाई नहीं मिल सकी। वहीं पीएचसी भाड़ावास, फतेहपुरी, गुरावड़ा, गुडियानी व धारुहेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ नर्स की ओर से दवाई बांटी गई। एसोसिएशन ये फार्मेसी एक्ट का उल्लंघन है। इसकी शिकायत ड्रग्स विभाग में की गई है। दवाओं का वितरण केवल फार्मासिस्ट ही कर सकते हैं। बता दें कि पांच सीएची, 13 पीएचसी व दो नागरिक अस्पताल में हर रोज करीब पांच हजार मरीजों की ओपीडी होती है। शहर के नागरिक अस्पताल में एनएचएम कर्मियों के भरोसे व्यवस्था रही। एसोसिएशन का कहना है कि कहीं पर भी मरीजों को दवाई ठीक से नहीं मिल पाई, ऐसे में सभी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल मंगलवार को भी रहेगी, यदि मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल अनिश्चितकाल में परिवर्तित हो जाएगी।
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दो दिन की छुट्टी के बाद बढ़ी मरीजों की संख्या, नहीं मिली दवा
प्रदेश सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगा जिला के सभी रेगुलर 21 फार्मासिस्ट सोमवार को हड़ताल पर चले गए। शहर के नागरिक अस्पताल में मरीजों की दवाई लेने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। दो दिन की छुट्टी के बाद नागरिक अस्पताल में मरीजों की काफी ज्यादा भीड़ थी। वायरल बुखार के चलते ओपीडी की संख्या भी लगभग 1500 से ज्यादा थी। फार्मासिस्ट की हड़ताल की वजह से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस पर लगे एनएमटी व अन्य योजनाओं के तहत लगे फार्मासिस्ट को दवाओं के काउंटर पर बैठाया गया। कर्मचारियों की ड्यूटी फार्मासिस्ट की जगह पर लगा दी गई, लेकिन कम अनुभव के कारण दवाई देने में काफी समय लग रहा था। इससे दवा लेने वालों की लंबी लाइनें लग गई।
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इन मांगों को लेकर की जा रही है हड़ताल
हड़ताली फार्मासिस्ट की मुख्य मांग 4600 ग्रेड पे की है।जिसकी स्वीकृति मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री दे चुके हैं। एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि यह दुर्भाग्य ही है कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा काम का बोझ उठाने वाले फार्मासिस्ट को आंदोलन का रूख अपनाना पड़ रहा है। सरकार की लगातार अनदेखी ने इस सभ्य वर्ग को पीछे धकेल दिया, जिससे पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट वर्ग में गहरा रोष है।
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परेशान मरीज बोले-
लाइन में लगने से हुई परेशानी
रामनिवास बुडौली ने बताया कि बहुत देर से लाइन में लगे है। ज्यादा भीड़ होने की वजह से टाइम लग रहा है। काफी देर से परेशान हो रहे हैं।
बाहर से लेनी पड़ी दवाइयां
बजरंग बावल ने बताया कि सारी दवाइयां नहीं मिल पा रही है। बाहर से लेनी पड़ रही है। उपर से बहुत देर लाइन में लगने के बाद बारी आई, इसके बाद पूरी दवा भी नहीं मिली।
दवा के लिए उठाई दिक्कत
दीपक ने कहा कि हड़ताल की वजह से दवाइयां लेने के लिए दिक्कत उठानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन को मरीजों के हित में सोचना चाहिए।
मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हुआ
प्रदीप ने कहा कि फार्मासिस्ट की हड़ताल की वजह से मरीज परेशान है। दवाई लेने में घंटो लग रहे है। यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को इसका तुरंत समाधान करना चाहिए।
मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन होगी हड़ताल: प्रधान
एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल ने कहा कि मंगलवार को भी फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहेंगे। यदि मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि कई पीएचसी में दवाई स्टाफ नर्स ने बांटी है, जो कि एक्ट के खिलाफ है। इसकी शिकायत की गई है।

नहीं होने दी जाएगी परेशानी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि सभी जगह पर एनएचएम व अन्य योजनाओं के तहत लगे फार्मासिस्ट को तैनात कर दिया गया है। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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