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ठंड से बचाव के लिए प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें लोग : अशोक गर्ग
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रेवाड़ी। जिला प्रशासन रेवाड़ी ने शीतलहर और कड़ाके की ठंड के मद्देनजर आमजन के बचाव से संबंधित दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने जिलावासियों से ठंड से बचने के लिए प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के पालन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो घर के अंदर रहें, ठंडी हवाओं से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें, मौसम की ताजा खबर के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखे और समाचार पत्र पढ़ें। बुजुर्ग और बच्चों की ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्गों का कुशलक्षेम पूछते रहें, यह सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधी सूती का बाहरी आवरण तथा अंदर से गर्म ऊनी कपड़े पहने। शरीर को गर्म रखने के लिए टोपी, जलरोधी जूतों का प्रयोग करें, सिर को ढककर रखें फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढक कर रखें।
डीसी ने सलाह दी कि गर्म पेय पदार्थों का सेवन करते रहें, शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लें और निर्जलीकरण से बचाव के लिए गैर मादक पदार्थ पीएं। शीतदंश के लक्षण दिखाई देने व शरीर का तापमान सामान्य से कम होने जैसे कांपना, बोलने में परेशानी, अनिंद्रा, मांसपेसियों में अकड़न सांस लेने में परेशानी आदि होने पर चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते समय मफलर व टोपी आदि का इस्तेमाल करें।
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उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो घर के अंदर रहें, ठंडी हवाओं से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें, मौसम की ताजा खबर के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखे और समाचार पत्र पढ़ें। बुजुर्ग और बच्चों की ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्गों का कुशलक्षेम पूछते रहें, यह सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधी सूती का बाहरी आवरण तथा अंदर से गर्म ऊनी कपड़े पहने। शरीर को गर्म रखने के लिए टोपी, जलरोधी जूतों का प्रयोग करें, सिर को ढककर रखें फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढक कर रखें।
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डीसी ने सलाह दी कि गर्म पेय पदार्थों का सेवन करते रहें, शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लें और निर्जलीकरण से बचाव के लिए गैर मादक पदार्थ पीएं। शीतदंश के लक्षण दिखाई देने व शरीर का तापमान सामान्य से कम होने जैसे कांपना, बोलने में परेशानी, अनिंद्रा, मांसपेसियों में अकड़न सांस लेने में परेशानी आदि होने पर चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते समय मफलर व टोपी आदि का इस्तेमाल करें।
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