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Rewari News: रेवाड़ी अनाज मंडी में खुले में पड़ा बाजरा, बूंदाबांदी से बढ़ी किसानों की चिंता
Sat, 24 Oct 2026 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:42 AM IST
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फसल को तिरपाल से ढकते श्रमिक। संवाद
रेवाड़ी। शहर में शुक्रवार को मौसम बदलने के साथ ही 10 मिनट तक बूंदाबांदी हुई जिससे किसान परेशान हो गए। इसके बाद तेज हवा चली और बूंदाबांदी बंद हो गई जिससे रेवाड़ी अनाज मंडी में खुले में पड़े बाजरा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। अगर तेज बारिश हुई होती तो नुकसान हो सकता था।
बूंदाबांदी के दौरान रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरे को बारिश से बचाने के पर्याप्त प्रबंध नजर नहीं आए। मंडी में अधिकतर बाजरा बिना तिरपाल के पड़ा था। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना के बीच मंडी में फसल की सुरक्षा को लेकर इंतजाम नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
रेवाड़ी अनाज मंडी में अब तक करीब 40 हजार 180 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि इसमें से करीब 50 प्रतिशत फसल का उठान किया जा चुका है।
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हालांकि, मौजूदा समय में मंडी में काफी मात्रा में बाजरा खुले में पड़ा हुआ है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उठान में देरी और मौसम में बदलाव के कारण फसल की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो रहा है।
पिछली बारिश में भी हुआ था नुकसान : इससे पहले हुई बारिश के दौरान भी मंडी में बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा था। उस समय महज 15 मिनट की बारिश ने ही खुले में रखे बाजरे को काफी हद तक प्रभावित किया था।
इसके बावजूद इस बार भी मौसम बदलने पर फसल को ढकने के पर्याप्त प्रबंध दिखाई नहीं दिए। बूंदाबांदी के बाद तेज हवाएं चलने से भी खुले में रखी उपज के भीगने का खतरा बना रहा।
मंडी में फसल को ढकने के लिए आढ़तियों के पास भी पर्याप्त मात्रा में तिरपाल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में अचानक बारिश होने पर पूरी फसल को सुरक्षित करना मुश्किल हो सकता है।
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बूंदाबांदी के दौरान रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरे को बारिश से बचाने के पर्याप्त प्रबंध नजर नहीं आए। मंडी में अधिकतर बाजरा बिना तिरपाल के पड़ा था। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना के बीच मंडी में फसल की सुरक्षा को लेकर इंतजाम नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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रेवाड़ी अनाज मंडी में अब तक करीब 40 हजार 180 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि इसमें से करीब 50 प्रतिशत फसल का उठान किया जा चुका है।
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हालांकि, मौजूदा समय में मंडी में काफी मात्रा में बाजरा खुले में पड़ा हुआ है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उठान में देरी और मौसम में बदलाव के कारण फसल की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो रहा है।
पिछली बारिश में भी हुआ था नुकसान : इससे पहले हुई बारिश के दौरान भी मंडी में बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा था। उस समय महज 15 मिनट की बारिश ने ही खुले में रखे बाजरे को काफी हद तक प्रभावित किया था।
इसके बावजूद इस बार भी मौसम बदलने पर फसल को ढकने के पर्याप्त प्रबंध दिखाई नहीं दिए। बूंदाबांदी के बाद तेज हवाएं चलने से भी खुले में रखी उपज के भीगने का खतरा बना रहा।
मंडी में फसल को ढकने के लिए आढ़तियों के पास भी पर्याप्त मात्रा में तिरपाल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में अचानक बारिश होने पर पूरी फसल को सुरक्षित करना मुश्किल हो सकता है।

फसल को तिरपाल से ढकते श्रमिक। संवाद