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Rewari News: पैरा ओलंपियन एथलीट टेकचंद ने भाला फेंक में जीते कई पदक
Wed, 07 May 2025 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 07 May 2025 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बावल निवासी पैरा ओलंपियन एथलीट कोच टेकचंद कई भाला फेंक प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। उन्होंने 2021 में पैरा ओलंपिक में भाग लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सके थे। 2021 में ही बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने भाला फेंक और शाॅटपुट में एक-एक स्वर्ण पदक जीता था।
टेकचंद ने 2023 में एफ-55 श्रेणी में खेलते हुए ब्रांज मेडल जीता है। टेकचंद 2005 में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक कंपनी से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हो गए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी जिससे उन्हें सात साल बिस्तर पर रहना पड़ा था। स्वस्थ होने पर टेकचंद ने भीम अवॉर्डी कोच सतबीर से भाला फेंकने की सलाह ली और इसको अपना कॅरिअर बना लिया। टेकचंद के परिवार में मां और भाई हैं।
टेकचंद ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक जाता था। 2019 में उन्होंने दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठी रैंक हासिल की थी। 26 मार्च 2021 को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में जेवलिन थ्रो और शाटपुट में उन्होंने एक-एक स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से लगातार कई मेडल प्राप्त किए। इन प्रदर्शन के बाद ही टेकचंद को खेल विभाग में पैरा एथलेटिक्स कोच के पद पर नियुक्ति मिली हुई है। उनके मार्गदर्शन में शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में कई खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
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रेवाड़ी। बावल निवासी पैरा ओलंपियन एथलीट कोच टेकचंद कई भाला फेंक प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। उन्होंने 2021 में पैरा ओलंपिक में भाग लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सके थे। 2021 में ही बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने भाला फेंक और शाॅटपुट में एक-एक स्वर्ण पदक जीता था।
टेकचंद ने 2023 में एफ-55 श्रेणी में खेलते हुए ब्रांज मेडल जीता है। टेकचंद 2005 में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक कंपनी से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हो गए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी जिससे उन्हें सात साल बिस्तर पर रहना पड़ा था। स्वस्थ होने पर टेकचंद ने भीम अवॉर्डी कोच सतबीर से भाला फेंकने की सलाह ली और इसको अपना कॅरिअर बना लिया। टेकचंद के परिवार में मां और भाई हैं।
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टेकचंद ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक जाता था। 2019 में उन्होंने दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठी रैंक हासिल की थी। 26 मार्च 2021 को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में जेवलिन थ्रो और शाटपुट में उन्होंने एक-एक स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से लगातार कई मेडल प्राप्त किए। इन प्रदर्शन के बाद ही टेकचंद को खेल विभाग में पैरा एथलेटिक्स कोच के पद पर नियुक्ति मिली हुई है। उनके मार्गदर्शन में शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में कई खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
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