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सुलह और रजामंदी से 159 केस में से 41 केसों का हुआ निपटारा

Sat, 12 Mar 2022 11:11 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:11 PM IST
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Out of 159 cases, 41 cases were settled by conciliation and consent.
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार शनिवार को न्यायिक परिसर और सिटी क्लब में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व डालसा अध्यक्ष दिनेश कुमार मित्तल की अध्यक्षता व सीजेएम वर्षा जैन की देखरेख में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान सुलह और रजामंदी से 159 में से 41 केसों निपटारा हुआ।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष डालसा दिनेश कुमार मित्तल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा करवाने का सशक्त माध्यम है। इसके माध्यम से केसों का निपटारा जल्द होता है और फरियादी को सस्ता एवं सुलभ न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना, मुआवजा केस, मजदूरी, विवाद, दीवानी आदि मामले जैसे बैंक ऋण, राजस्व, नौकरीे, बच्चों व पत्नी के लिए भरण-पोषण विवाद, वैवाहिक मामले, जमीन अधिग्रहण, मुआवजा से संबंधित मामलों, बिजली-पानी बिल मामलों व चेक बाउंस आदि से संबंधित मामलों का आपसी समझौते व सुलह के आधार पर निपटारा किया गया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों में भविष्य में कोई अपील व पुनरीक्षण दायर नहीं की जा सकती, जिससे समय व धन दोनों की ही बचत होती है। शनिवार को उपमंडल बावल व कोसली न्यायिक परिसर में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
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‘लोगों को जल्द न्याय दिलवाना ही लोक अदालत का मकसद’
सीजेएम वर्षा जैन ने कहा कि लोक अदालत को आयोजन करने का मकसद लोगों को जल्द न्याय दिलवाना होता है। इससे उनके समय और पैसे की बचत होती है। दूसरी ओर अदालतों में केसों के पेंडेंसी रेट में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के फैसले अंतिम होते हैं और उनकी कोई अपील नहीं होती। उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत में 47 मोटर दुर्घटना मुआवजा के मामलों का निपटारा करते हुए 3,77,00005 रुपये मोटर दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों, घायलों, व याचियों को स्वीकृत किए गए व अन्य मामलों का भी निपटारा किया गया। इसी तरह 87 चेक बाउंस व 43 दिवानी मामले व 3210 बिजली के मामले व अन्य मामलो का भी निपटारा किया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रेवाड़ी हरबीर सिंह दहिया, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील कुमार गर्ग, सुनील कुमार यादव, सुनील कुमार दीवान, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कपिल राठी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकाी विनीत सपड़ा, अतिरिक्त सिविल जज सिनियर डिविजन रेवाड़ी जितेन्द्र सिंह, सिविल जज रेवाड़ी रूपा, डा. कोपल चौधरी, हरलीन कौर, अतिरिक्त सिविल जज कोसली मिनाक्षी यादव व अतिरिक्त सिविल जज बावल सुधीर कुमार की अदालतों के द्वारा मामलों का मौके पर ही आपसी सहमति सें निपटारा किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के चेयरमैन जगभूषण गुप्ता व सदस्य विक्रम खट्टर ने बताया कि इस दौरान 159 केस लिए गए थे, जिसमें 41 केसों का आपसी रजामंदी से निपटारा हो गया। साथ ही 4274700 रुपये की रिकवरी भी करवाई गई। उन्होंने बताया लोक अदालत को कामयाब बनाने के लिए सभी बैंक अधिकारियों व अधिवक्ताओं ने सहयोग दिया।
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