{"_id":"5d2e21858ebc3e6ce97ea205","slug":"opposition-in-igu-rewari-news-rtk5052313144","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीयू में बढ़ने लगा सीट कम करने का विरोध, नेताओं से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीयू में बढ़ने लगा सीट कम करने का विरोध, नेताओं से मांगा जवाब
विज्ञापन
आईजीयू छात्र संघ नेता पुष्पेन्द्र यादव बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ीइंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर मे विभिन्न संकायो में सीट कम करने के फैसले का विरोध बढ़ता जा रहा है। वीसी को ज्ञापन देने के बाद भी समाधान नहीं होता देख अब छात्र संघ नेताओं ने क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से जवाब मांगना शुुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आईजीयू छात्र संघ वाइस प्रेजिडेंट पुष्पेंद्र यादव ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव को ज्ञापन सौंपकर विवि की बद्हाल के लिए जवाब मांगा। ज्ञापन में कहा गया है कि सीट कम करने के पीछे शिक्षा की गुणवत्ता ठीक करने का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन हालात यहां तक कैसे पहुंचे इसका जिम्मेदार कौन है। ऐसे में सीट कम करने की बजाय आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर कार्य करना चाहिए था। बीजेेेपी प्रदेश उपाध्यक्ष ने जल्द ही समाधान कराने का आश्वास दिया है।
पेयजल के लिए भी करना पड़ता है संघर्ष : पुष्पेंद्र यादव
आईजीयू छात्र संघ उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि विवि में आधारभूत ढांचा ही नहीं पेयजल जैसी समस्याओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ा है। आईजीयू के विद्यार्थियों को छोटी से छोटी सुविधा भी संघर्ष के बाद मिली है। विवि के सुधार के लिए सभी नेताओं के साथ विवि प्रशासन की जिम्मेदारी बनती थी। लेकिन प्रत्येक स्तर पर लापरवाही हुई, इसका ही परिणाम है कि विभिन्न संकायों में सीट 60-60 की बजाय घटाकर 20-20 कर दी गई। ज्ञापन देने वालों में सौरव, रशिक, विकास सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
पेयजल के लिए भी करना पड़ता है संघर्ष : पुष्पेंद्र यादव
आईजीयू छात्र संघ उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि विवि में आधारभूत ढांचा ही नहीं पेयजल जैसी समस्याओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ा है। आईजीयू के विद्यार्थियों को छोटी से छोटी सुविधा भी संघर्ष के बाद मिली है। विवि के सुधार के लिए सभी नेताओं के साथ विवि प्रशासन की जिम्मेदारी बनती थी। लेकिन प्रत्येक स्तर पर लापरवाही हुई, इसका ही परिणाम है कि विभिन्न संकायों में सीट 60-60 की बजाय घटाकर 20-20 कर दी गई। ज्ञापन देने वालों में सौरव, रशिक, विकास सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन