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Rewari News: सात साल से लंबित चेक बाउंस केस में एक साल की कैद, 1.50 लाख मुआवजा देने के आदेश
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जिला न्यायालय रेवाड़ी।
रेवाड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकाश सरोहा की अदालत ने सात साल से लंबित चेक बाउंस मामले में फैसला सुनाते हुए गांव कंदी निवासी बहादुर सिंह को एक साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता धारूहेड़ा निवासी अशोक कुमार यादव को 1.50 लाख मुआवजा देने के आदेश भी जारी किए हैं। मामला वर्ष 2018 से चल रहा था।
शिकायतकर्ता अशोक कुमार यादव ने बहादुर सिंह के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बहादुर सिंह ने 1 लाख का चेक जारी किया था जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर मामला अदालत में पहुंचा।
फैसले के बाद सजा निर्धारित करने के चरण में दोनों पक्षों ने अपने-अपने बयान दिए। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामला वर्षों से लंबित है और आरोपी के असहयोग के कारण शिकायतकर्ता को काफी परेशान होना पड़ा है। इसलिए आरोपी को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।
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वहीं आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि बहादुर सिंह गरीब है, तीन बेटियों का पालन-पोषण अकेले कर रहा है, इसलिए उसे दया का लाभ दिया जाए। आरोपी ने प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत राहत की मांग भी की।
अदालत ने बहादुर सिंह को एक साल की सरल कैद और चेक की राशि के डेढ़ गुना के बराबर 1 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को देनी होगी। निर्धारित समय में रकम न देने पर आरोपी को अतिरिक्त एक माह की कैद भुगतनी होगी।
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शिकायतकर्ता अशोक कुमार यादव ने बहादुर सिंह के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बहादुर सिंह ने 1 लाख का चेक जारी किया था जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर मामला अदालत में पहुंचा।
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फैसले के बाद सजा निर्धारित करने के चरण में दोनों पक्षों ने अपने-अपने बयान दिए। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामला वर्षों से लंबित है और आरोपी के असहयोग के कारण शिकायतकर्ता को काफी परेशान होना पड़ा है। इसलिए आरोपी को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।
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वहीं आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि बहादुर सिंह गरीब है, तीन बेटियों का पालन-पोषण अकेले कर रहा है, इसलिए उसे दया का लाभ दिया जाए। आरोपी ने प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत राहत की मांग भी की।
अदालत ने बहादुर सिंह को एक साल की सरल कैद और चेक की राशि के डेढ़ गुना के बराबर 1 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि 30 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को देनी होगी। निर्धारित समय में रकम न देने पर आरोपी को अतिरिक्त एक माह की कैद भुगतनी होगी।