{"_id":"65aec9eff0ba15ed2401fbab","slug":"one-time-settlement-scheme-started-for-tax-recovery-rewari-news-c-198-1-rew1001-8878-2024-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: कर वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: कर वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना शुरू
Tue, 23 Jan 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 23 Jan 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। आबकारी व कराधान विभाग द्वारा कर वसूली को लेकर वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की गई है। पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति आगामी 30 मार्च तक योजना का लाभ उठाएं।
डीसी राहुल हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने शुरू की वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। उन्होंने योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
डीसी ने बताया कि व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबधित मामले को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। उन्होंने बताया कि योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीसी राहुल हुड्डा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने शुरू की वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। उन्होंने योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
विज्ञापन
डीसी ने बताया कि व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबधित मामले को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। उन्होंने बताया कि योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगा।
विज्ञापन